अपराध
जियावन में सर्राफा व्यापारी पर लूट‑मारपीट, 24 घंटे में दो आरोपियों को गिरफ्तार
जियावन में सर्राफा व्यापारी सुनील सोनी पर लूट और जानलेवा मारपीट की घटना में दो आरोपियों को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
जियावन थाना क्षेत्र में 24 अक्टूबर 2026 को रात लगभग आठ बजे सर्राफा व्यापारी सुनील सोनी पर लूट‑मारपीट की भयावह घटना घटी। दुकान से घर लौटते समय नाले के पास उनके साथ मारपीट कर सोना‑चांदी के आभूषण तथा 16,000 रुपये नकद लूटा गया।
घायल व्यापारी को सिर में गंभीर चोट लगी और तुरंत देवसर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से उन्हें बेहतर उपचार के लिये बैढ़न स्थित आघात उपचार केंद्र रेफर किया गया। घटना के दौरान व्यापारी ने मदद के लिये आवाज़ लगाई, जिससे गाँव के लोग और परिजन मौके पर पहुँचे।
पुलिस ने अभिषेक कुमार सोनी की रिपोर्ट के आधार पर अपराध क्रमांक 712/26 के तहत जांच शुरू की। विश्वसनीय मुखबिरों की मदद से नाले के पास मौजूद दो संदिग्ध—24 वर्षीया प्रवेश चतुर्वेदी (खड़ौरा) तथा 48 वर्षीया रूपेश कुमार सोनी उर्फ पप्पू (नौढ़िया आबाद)—को लगभग 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
न्यायालय ने दोनों को जेल वारंट जारी कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। लूटे गये आभूषण और नकदी की बरामदगी की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हुई है। इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक षियाज़ के.एम., अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिन्हा, एसडीओपी देवसर डॉ. गायत्री तिवारी तथा थाना प्रभारी राजेशचंद्र मिश्रा के नेतृत्व में कई अधिकारियों का योगदान रहा।
घायल व्यापारी को सिर में गंभीर चोट लगी और तुरंत देवसर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से उन्हें बेहतर उपचार के लिये बैढ़न स्थित आघात उपचार केंद्र रेफर किया गया। घटना के दौरान व्यापारी ने मदद के लिये आवाज़ लगाई, जिससे गाँव के लोग और परिजन मौके पर पहुँचे।
पुलिस ने अभिषेक कुमार सोनी की रिपोर्ट के आधार पर अपराध क्रमांक 712/26 के तहत जांच शुरू की। विश्वसनीय मुखबिरों की मदद से नाले के पास मौजूद दो संदिग्ध—24 वर्षीया प्रवेश चतुर्वेदी (खड़ौरा) तथा 48 वर्षीया रूपेश कुमार सोनी उर्फ पप्पू (नौढ़िया आबाद)—को लगभग 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
न्यायालय ने दोनों को जेल वारंट जारी कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। लूटे गये आभूषण और नकदी की बरामदगी की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हुई है। इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक षियाज़ के.एम., अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिन्हा, एसडीओपी देवसर डॉ. गायत्री तिवारी तथा थाना प्रभारी राजेशचंद्र मिश्रा के नेतृत्व में कई अधिकारियों का योगदान रहा।