जयपुर शहर में मैं रिक्शा को लेकर 7 जों में बनता गया है
जिसमें चारदीवारी के पांच जोन साथ एक साथ भी साथ ही साथ तैयार है साथ ही शामिल है प्रतिक जोन में अधिकतम 50 मैं रिक्शा ही चलूंगा
जयपुर के ऐतिहासिक चारदीवारी क्षेत्र में पर्यटकों और आम जनता को रोजाना लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए यातायात पुलिस ने पूरी तैयारी कर ली है। 19 अक्टूबर से परकोटा क्षेत्र में ई-रिक्शा के संचालन को लेकर सख्त डिजिटल व्यवस्था लागू की जा रही है। अब केवल वही ई-रिक्शा सड़कों पर उतर सकेंगे, जिनका डिजिटल पंजीकरण पूरा हो चुका होगा और जिन पर अधिकृत क्यूआर (QR) कोड चस्पा होगा।
वर्तमान में चारदीवारी के संकरे बाजारों में 7 हजार से 8 हजार ई-रिक्शा बेतरतीब तरीके से दौड़ रहे हैं, जिससे हवामहल, सिटी पैलेस, जंतर-मंतर और गोविंद देव जी मंदिर आने वाले पर्यटकों व स्थानीय लोगों को भारी परेशानी होती है। नई व्यवस्था के तहत पूरे शहर को 7 जोन में बांटा गया है, जिनमें चारदीवारी के 5 जोन (7A, 7B, 7C, 7D, 7E) शामिल हैं। प्रत्येक जोन में अधिकतम 50-50 ई-रिक्शा की सीमा तय की गई है, यानी पूरे परकोटे में अब सिर्फ 250 वैध ई-रिक्शा ही चलेंगे।
ई-रिक्शा पर निर्धारित रंग की पट्टी और क्यूआर कोड होगा, जिसे स्कैन करते ही ड्राइवर और वाहन का पूरा ब्योरा सामने आ जाएगा। अब तक 132 ई-रिक्शा का सत्यापन पूरा हो चुका है। ट्रैफिक पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि 19 अक्टूबर के बाद बिना डिजिटल रजिस्ट्रेशन और क्यूआर कोड के संचालन करने पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत गाड़ियां जब्त करने सहित सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वर्तमान में चारदीवारी के संकरे बाजारों में 7 हजार से 8 हजार ई-रिक्शा बेतरतीब तरीके से दौड़ रहे हैं, जिससे हवामहल, सिटी पैलेस, जंतर-मंतर और गोविंद देव जी मंदिर आने वाले पर्यटकों व स्थानीय लोगों को भारी परेशानी होती है। नई व्यवस्था के तहत पूरे शहर को 7 जोन में बांटा गया है, जिनमें चारदीवारी के 5 जोन (7A, 7B, 7C, 7D, 7E) शामिल हैं। प्रत्येक जोन में अधिकतम 50-50 ई-रिक्शा की सीमा तय की गई है, यानी पूरे परकोटे में अब सिर्फ 250 वैध ई-रिक्शा ही चलेंगे।
ई-रिक्शा पर निर्धारित रंग की पट्टी और क्यूआर कोड होगा, जिसे स्कैन करते ही ड्राइवर और वाहन का पूरा ब्योरा सामने आ जाएगा। अब तक 132 ई-रिक्शा का सत्यापन पूरा हो चुका है। ट्रैफिक पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि 19 अक्टूबर के बाद बिना डिजिटल रजिस्ट्रेशन और क्यूआर कोड के संचालन करने पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत गाड़ियां जब्त करने सहित सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।