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जयपुर में बाल संरक्षण के लिए पैरालीगल वॉलंटियर्स का विशेष प्रशिक्षण
आसरा फाउंडेशन जयपुर ने बाल कल्याण समिति के मार्गदर्शन में पैरालीगल वॉलंटियर्स के लिए दो दिवसीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण आयोजित किया। इस कार्यक्रम में बाल अधिकारों, कानूनी सहायता और साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया।
जयपुर में बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों के संरक्षण को लेकर आसरा फाउंडेशन जयपुर (AFJ) ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। बाल कल्याण समिति (CWC), जयपुर के मार्गदर्शन और जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU), जयपुर के सहयोग से पैरालीगल वॉलंटियर्स (PLVs) एवं सपोर्ट पर्सन्स के लिए दो दिवसीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण कार्यक्रम 23–24 अक्टूबर 2026 को होटल इंडो प्राइम, जयपुर में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को बाल संरक्षण कानूनों, बाल अधिकारों, बच्चों के विरुद्ध अपराधों की पहचान, कानूनी सहायता एवं साइबर सुरक्षा के संबंध में प्रशिक्षित करना और जरूरतमंद बच्चों तक समय पर सहायता पहुँचाने के लिए उनकी क्षमता बढ़ाना था।
कार्यक्रम में सहायक पुलिस आयुक्त (ACP), साइबर, पुलिस कमिश्नरेट, जयपुर हेमराज मूड (RPS) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर बाल कल्याण समिति, जयपुर की अध्यक्ष शांति भटनागर, बाल अधिकारिता विभाग के उप निदेशक संदीप कुमार, तथा जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU), जयपुर के सहायक निदेशक राजेंद्र गुर्जर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद थे। इन अधिकारियों की उपस्थिति ने बाल संरक्षण प्रक्रिया में पुलिस और सरकारी विभागों के बीच समन्वय के महत्व को रेखांकित किया।
प्रशिक्षण सत्रों में अभिनव भारद्वाज एवं राधिका शर्मा ने संसाधन व्यक्तियों के रूप में भाग लिया। उन्होंने प्रतिभागियों को बाल संरक्षण, संबंधित कानूनी प्रावधानों, बच्चों के विरुद्ध अपराधों की पहचान, कानूनी हस्तक्षेप एवं साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी प्रदान की। इस प्रशिक्षण में बाल संरक्षण अधिकारी सीमा शर्मा, बाल अधिकारिता विभाग के काउंसलर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के पैरालीगल वॉलंटियर्स, सपोर्ट पर्सन्स एवं स्वयंसेवकों ने सक्रिय भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत बनाने तथा विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम के समापन पर आसरा फाउंडेशन जयपुर की संस्थापक एवं सचिव मंगला शर्मा ने सभी अतिथियों, अधिकारियों, संसाधन व्यक्तियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा, शोषण की रोकथाम और उनके सुरक्षित भविष्य के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास एवं बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक हैं।
कार्यक्रम में सहायक पुलिस आयुक्त (ACP), साइबर, पुलिस कमिश्नरेट, जयपुर हेमराज मूड (RPS) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर बाल कल्याण समिति, जयपुर की अध्यक्ष शांति भटनागर, बाल अधिकारिता विभाग के उप निदेशक संदीप कुमार, तथा जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU), जयपुर के सहायक निदेशक राजेंद्र गुर्जर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद थे। इन अधिकारियों की उपस्थिति ने बाल संरक्षण प्रक्रिया में पुलिस और सरकारी विभागों के बीच समन्वय के महत्व को रेखांकित किया।
प्रशिक्षण सत्रों में अभिनव भारद्वाज एवं राधिका शर्मा ने संसाधन व्यक्तियों के रूप में भाग लिया। उन्होंने प्रतिभागियों को बाल संरक्षण, संबंधित कानूनी प्रावधानों, बच्चों के विरुद्ध अपराधों की पहचान, कानूनी हस्तक्षेप एवं साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी प्रदान की। इस प्रशिक्षण में बाल संरक्षण अधिकारी सीमा शर्मा, बाल अधिकारिता विभाग के काउंसलर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के पैरालीगल वॉलंटियर्स, सपोर्ट पर्सन्स एवं स्वयंसेवकों ने सक्रिय भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान बाल संरक्षण तंत्र को मजबूत बनाने तथा विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम के समापन पर आसरा फाउंडेशन जयपुर की संस्थापक एवं सचिव मंगला शर्मा ने सभी अतिथियों, अधिकारियों, संसाधन व्यक्तियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा, शोषण की रोकथाम और उनके सुरक्षित भविष्य के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास एवं बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक हैं।