धर्म
जीवित्पुत्रिका व्रत: माताओं ने पुत्रों की दीर्घायु के लिए मनाई जितिया पर्व
बिहार सहित कई राज्यों में माताओं ने अपने पुत्रों के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना के लिए जितिया का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया। इस अवसर पर महिलाओं ने निर्जला व्रत रखा।
बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड सहित देश के कई हिस्सों में माताओं ने अपने पुत्रों के मंगलमय भविष्य और लंबी आयु की कामना के लिए जितिया पर्व का अनुष्ठान श्रद्धापूर्वक संपन्न किया। यह पर्व पुत्रों की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए मनाया जाता है।
इस पर्व के अवसर पर महिलाओं ने निर्जला व्रत रखा और शाम को भगवान शिव और कृष्ण की पूजा की। मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से पुत्रों को कष्टों से मुक्ति मिलती है और उनका जीवन दीर्घायु होता है। व्रती महिलाएं दिन भर भजन-कीर्तन करती हैं और कथा श्रवण करती हैं।
शहरों से लेकर गांवों तक, हर जगह महिलाओं में इस पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। उन्होंने अपने घरों में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। यह पर्व मातृत्व के अटूट प्रेम और समर्पण का प्रतीक है।
इस पर्व के अवसर पर महिलाओं ने निर्जला व्रत रखा और शाम को भगवान शिव और कृष्ण की पूजा की। मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से पुत्रों को कष्टों से मुक्ति मिलती है और उनका जीवन दीर्घायु होता है। व्रती महिलाएं दिन भर भजन-कीर्तन करती हैं और कथा श्रवण करती हैं।
शहरों से लेकर गांवों तक, हर जगह महिलाओं में इस पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। उन्होंने अपने घरों में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। यह पर्व मातृत्व के अटूट प्रेम और समर्पण का प्रतीक है।