📷 चित्र स्रोत: Indian Express (via NewsData)
शिक्षा
जौहार विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राएँ कैंपस ध्वंस के ख़तरे पर विरोध, महिलाओं की आवाज़ सबसे तेज़
✍️ Indian Express
🗓 23 जुल. 2026, 06:19 AM
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जौहार विश्वविद्यालय के छात्रों ने कैंपस के ध्वंस के ख़िलाफ़ विरोध किया, जहाँ महिलाओं ने अपनी आवाज़ सबसे ज़्यादा ऊँची की, यह कहते हुए कि ध्वंस से उनके करियर पर असर पड़ेगा।
जौहार विश्वविद्यालय के छात्रों ने अपने परिसर के ध्वंस के प्रस्ताव के खिलाफ़ एकत्र होकर विरोध किया। "नाम बदल लो अगर ज़रूरी हो… पर हमारे करियर को खत्म मत करो" जैसे नारे लगाते हुए, विशेषकर महिलाओं ने अपनी आवाज़ सबसे ज़्यादा ऊँची की।
इस विरोध ने परिसर के बुनियादी ढाँचे और प्रशासनिक निर्णयों के छात्रों के भविष्य पर पड़ने वाले प्रभाव पर प्रकाश डाला। महिला छात्रों ने इस संकट के लिंग‑आधारित पहलू को उजागर करते हुए नारे लगाना जारी रखा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी तक कोई औपचारिक बयान नहीं दिया है, परंतु इस जुटान ने शिक्षकों, पूर्व छात्रों और स्थानीय मीडिया के बीच पारदर्शी निर्णय‑निर्माण और शैक्षिक स्थानों की सुरक्षा की ज़रूरत पर चर्चा शुरू कर दी है।
यह छात्र‑जनित सक्रियता भारत में बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाती है, जहाँ शिक्षार्थी अपने भविष्य को आकार देने वाले संस्थानों से जवाबदेही की माँग करते हैं।
इस विरोध ने परिसर के बुनियादी ढाँचे और प्रशासनिक निर्णयों के छात्रों के भविष्य पर पड़ने वाले प्रभाव पर प्रकाश डाला। महिला छात्रों ने इस संकट के लिंग‑आधारित पहलू को उजागर करते हुए नारे लगाना जारी रखा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी तक कोई औपचारिक बयान नहीं दिया है, परंतु इस जुटान ने शिक्षकों, पूर्व छात्रों और स्थानीय मीडिया के बीच पारदर्शी निर्णय‑निर्माण और शैक्षिक स्थानों की सुरक्षा की ज़रूरत पर चर्चा शुरू कर दी है।
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