राजनीति
जोधपुर के मंगल सिंह नगर में ओबीसी आरक्षण पर ग्रामीणों ने किया पंचायती राज चुनाव बहिष्कार का ऐलान
जोधपुर जिले की सेखाला पंचायत समिति के मंगल सिंह नगर में सरपंच पद को ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित किए जाने पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। गांव में ओबीसी मतदाताओं की अनुपस्थिति का हवाला देते हुए उन्होंने सरपंच, वार्ड पंच, पंचायत समिति और जिला परिषद चुनावों में मतदान नहीं करने की चेतावनी दी है।
जोधपुर जिले की सेखाला पंचायत समिति के नवनिर्गठित ग्राम पंचायत मंगल सिंह नगर में आगामी पंचायती राज चुनावों को लेकर आरक्षण का मामला विवाद का विषय बन गया है। सरपंच पद को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षित किए जाने पर ग्रामीणों ने तीव्र नाराजगी जताते हुए चुनाव बहिष्कार का ऐलान किया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी आपत्ति पर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे न केवल सरपंच चुनाव, बल्कि वार्ड पंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के चुनावों में भी मतदान नहीं करेंगे।
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत मंगल सिंह नगर की मतदाता सूची में कुल 1052 मतदाता दर्ज हैं, लेकिन इनमें ओबीसी वर्ग का एक भी मतदाता शामिल नहीं है। इसके बावजूद प्रशासनिक आरक्षण प्रक्रिया के तहत सरपंच पद को ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित कर दिया गया है। ग्रामीणों ने इस निर्णय पर सवाल उठाते हुए आरक्षण प्रक्रिया की समीक्षा करने और मामले का उचित समाधान निकालने की मांग की है।
गांव में आरक्षण के इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों का तर्क है कि जब गांव में ओबीसी वर्ग का कोई मतदाता नहीं है, तो ऐसी स्थिति में चुनाव प्रक्रिया आगे कैसे बढ़ेगी और सरपंच पद के लिए उम्मीदवार कैसे सामने आएगा? इसी मुद्दे को लेकर ग्रामीणों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
मंगल सिंह नगर में चुनाव बहिष्कार की घोषणा के बाद प्रशासन के सामने ग्रामीणों की आपत्ति का समाधान निकालने की चुनौती खड़ी हो गई है। ग्रामीणों की मांग है कि आरक्षण से संबंधित तथ्यों की जांच कर नियमानुसार उचित निर्णय लिया जाए, ताकि चुनाव प्रक्रिया को लेकर उत्पन्न असमंजस दूर हो सके। अब देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की शिकायत पर क्या कदम उठाता है और इस विवाद का समाधान किस प्रकार निकाला जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत मंगल सिंह नगर की मतदाता सूची में कुल 1052 मतदाता दर्ज हैं, लेकिन इनमें ओबीसी वर्ग का एक भी मतदाता शामिल नहीं है। इसके बावजूद प्रशासनिक आरक्षण प्रक्रिया के तहत सरपंच पद को ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित कर दिया गया है। ग्रामीणों ने इस निर्णय पर सवाल उठाते हुए आरक्षण प्रक्रिया की समीक्षा करने और मामले का उचित समाधान निकालने की मांग की है।
गांव में आरक्षण के इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों का तर्क है कि जब गांव में ओबीसी वर्ग का कोई मतदाता नहीं है, तो ऐसी स्थिति में चुनाव प्रक्रिया आगे कैसे बढ़ेगी और सरपंच पद के लिए उम्मीदवार कैसे सामने आएगा? इसी मुद्दे को लेकर ग्रामीणों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
मंगल सिंह नगर में चुनाव बहिष्कार की घोषणा के बाद प्रशासन के सामने ग्रामीणों की आपत्ति का समाधान निकालने की चुनौती खड़ी हो गई है। ग्रामीणों की मांग है कि आरक्षण से संबंधित तथ्यों की जांच कर नियमानुसार उचित निर्णय लिया जाए, ताकि चुनाव प्रक्रिया को लेकर उत्पन्न असमंजस दूर हो सके। अब देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की शिकायत पर क्या कदम उठाता है और इस विवाद का समाधान किस प्रकार निकाला जाता है।