Religion
जैथरा में 19 सितंबर से शुरू होगी श्री कृष्ण लीला 2026, विधायक व सांसद रहेंगे मुख्य अतिथि
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वृंदावन के कलाकारों द्वारा जैथरा में आयोजित होने वाली श्री कृष्ण लीला 2026 का उद्घाटन 19 सितंबर को शाम 7 बजे होगा। प्रतिदिन रात 8 से 12 बजे तक चलेगा यह आध्यात्मिक महोत्सव।
जैथरा में वृंदावन के कलाकारों द्वारा श्री कृष्ण लीला 2026 का आयोजन किया जा रहा है। गत वर्ष की भाँति इस वर्ष भी यह आयोजन हो रहा है। समारोह के अध्यक्ष सुबोध गुप्ता ने बताया है कि कार्यक्रम का उद्घाटन 19 सितंबर को शाम 7:00 बजे निर्धारित किया गया है और उपस्थित प्रमुख अतिथियों की सूची सार्वजनिक की जा चुकी है।
उद्घाटन समारोह में माननीय विधायक सत्यपाल सिंह राठौड़, माननीय सांसद मुकेश राजपूत, माननीय जैथरा नगर पंचायत अध्यक्ष विवेक गुप्ता, जिला अध्यक्ष श्री प्रमोद कुमार गुप्ता तथा अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुमंत गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे। इस पावन अवसर पर नगर के सभी निवासियों को आमंत्रित किया गया है ताकि वे इस उत्सव में शामिल होकर श्री कृष्ण की लीलाओं का दर्शन कर सकें।
श्री कृष्ण लीला का आयोजन प्रतिदिन रात 8:00 बजे से लेकर 12:00 बजे तक किया जाएगा। इस दौरान भगवान श्री कृष्ण के जीवन की विभिन्न लीलाओं का मंचन किया जाएगा, जिससे भक्तों को आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होगा।
महोत्सव के आयोजकों ने नगर वासियों से अपेक्षा व्यक्त की है कि वे अपने परिवार के साथ इस आयोजन में पहुँचकर इसे सफल बनाएँ। यह महोत्सव न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि सांस्कृतिक एकता को भी दर्शाता है।
उद्घाटन समारोह में माननीय विधायक सत्यपाल सिंह राठौड़, माननीय सांसद मुकेश राजपूत, माननीय जैथरा नगर पंचायत अध्यक्ष विवेक गुप्ता, जिला अध्यक्ष श्री प्रमोद कुमार गुप्ता तथा अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुमंत गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे। इस पावन अवसर पर नगर के सभी निवासियों को आमंत्रित किया गया है ताकि वे इस उत्सव में शामिल होकर श्री कृष्ण की लीलाओं का दर्शन कर सकें।
श्री कृष्ण लीला का आयोजन प्रतिदिन रात 8:00 बजे से लेकर 12:00 बजे तक किया जाएगा। इस दौरान भगवान श्री कृष्ण के जीवन की विभिन्न लीलाओं का मंचन किया जाएगा, जिससे भक्तों को आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होगा।
महोत्सव के आयोजकों ने नगर वासियों से अपेक्षा व्यक्त की है कि वे अपने परिवार के साथ इस आयोजन में पहुँचकर इसे सफल बनाएँ। यह महोत्सव न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है बल्कि सांस्कृतिक एकता को भी दर्शाता है।