📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Education
शिक्षा
जम्मू और कश्मीर में माध्यमिक विद्यालय परित्याग दर 11.6% तक बढ़ी, प्राथमिक दर 1.1% पर गिर गई – केंद्र की रिपोर्ट
✍️ Kashmir Life
🗓 10 अग. 2026, 04:35 PM
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केंद्र ने बताया कि जम्मू और कश्मीर में माध्यमिक विद्यालय परित्याग दर 11.6% तक बढ़ी है, जबकि प्राथमिक विद्यालय परित्याग दर 1.1% पर गिर गई है।
केंद्र ने जारी की गई नवीनतम आँकड़ों के अनुसार जम्मू और कश्मीर में माध्यमिक विद्यालय परित्याग दर 11.6% तक बढ़ गई है। वहीं प्राथमिक विद्यालय परित्याग दर 1.1% पर घट गई है, जिससे बुनियादी शिक्षा में प्रगति का संकेत मिलता है।
इस डेटा के अनुसार, माध्यमिक स्तर पर छात्रों के बने रहने में बढ़ती चुनौतियाँ सामने आई हैं। आर्थिक दबाव, बुनियादी ढांचे की कमी और दूरदराज के इलाकों में स्कूलों की पहुँच की कमी को प्रमुख कारण बताया गया है।
सरकार ने माध्यमिक शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए अतिरिक्त धन, छात्रवृत्ति योजनाएँ और अनुदानित शिक्षकों की तैनाती की घोषणा की है। लक्ष्य है कि माध्यमिक शिक्षा पूरी करने वाले छात्रों की संख्या में वृद्धि हो।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि प्राथमिक परित्याग दर में गिरावट सकारात्मक है, परंतु माध्यमिक स्तर पर आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए लक्षित उपायों की आवश्यकता है। आगामी नीति ढाँचे में निगरानी और विशेष हस्तक्षेप को प्रमुख घटक माना गया है।
मंत्रालय अगले कुछ हफ्तों में विस्तृत रिपोर्ट जारी करेगा, जिसमें कारणों और प्रस्तावित समाधानों का विवरण होगा, ताकि अगले शैक्षणिक वर्ष में परित्याग दर में सुधार हो सके।
इस डेटा के अनुसार, माध्यमिक स्तर पर छात्रों के बने रहने में बढ़ती चुनौतियाँ सामने आई हैं। आर्थिक दबाव, बुनियादी ढांचे की कमी और दूरदराज के इलाकों में स्कूलों की पहुँच की कमी को प्रमुख कारण बताया गया है।
सरकार ने माध्यमिक शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए अतिरिक्त धन, छात्रवृत्ति योजनाएँ और अनुदानित शिक्षकों की तैनाती की घोषणा की है। लक्ष्य है कि माध्यमिक शिक्षा पूरी करने वाले छात्रों की संख्या में वृद्धि हो।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि प्राथमिक परित्याग दर में गिरावट सकारात्मक है, परंतु माध्यमिक स्तर पर आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए लक्षित उपायों की आवश्यकता है। आगामी नीति ढाँचे में निगरानी और विशेष हस्तक्षेप को प्रमुख घटक माना गया है।
मंत्रालय अगले कुछ हफ्तों में विस्तृत रिपोर्ट जारी करेगा, जिसमें कारणों और प्रस्तावित समाधानों का विवरण होगा, ताकि अगले शैक्षणिक वर्ष में परित्याग दर में सुधार हो सके।