📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vinayaraj
राजनीति
जम्मू-कश्मीर ने श्रीनगर सम्मेलन में वन अधिकार अधिनियम के कार्यान्वयन की समीक्षा की
✍️ thekashmirimages.com
🗓 24 अक्टू. 2026, 05:16 AM
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राज्य के अधिकारियों ने श्रीनगर में वन अधिकार अधिनियम के कार्यान्वयन की प्रगति का आकलन किया।
श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा आयोजित सम्मेलन में वन अधिकार अधिनियम के कार्यान्वयन की स्थिति पर चर्चा हुई। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जनजातीय समुदायों के प्रतिनिधि और कानूनी विशेषज्ञों ने अपने‑अपने अवलोकन और चुनौतियों को प्रस्तुत किया।
सम्मेलन में यह जांचा गया कि पात्र वन‑निर्भर परिवारों को भूमि‑शीर्षक मिला है या नहीं, वन भूमि की सीमांकन की प्रगति और शिकायत निवारण तंत्र की प्रभावशीलता कैसी है। दस्तावेज़ीकरण में खामियों को उजागर किया गया और सत्यापन प्रक्रिया को तेज करने की मांग की गई।
सरकार ने अधिनियम की शर्तों को निर्धारित समय‑सीमा में पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई और फील्ड सत्यापन व स्थानीय संस्थाओं के क्षमता निर्माण के लिए अतिरिक्त संसाधन प्रदान करने का वादा किया। यह समीक्षा नीति में आवश्यक संशोधन और भविष्य की कार्यवाहियों को दिशा देने के लिये आधार बनेगी।
सभी पक्षों ने अगले कुछ हफ्तों में राज्य मंत्रिपरिषद को एक संयुक्त रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर सहमति जताई, जिससे कार्यान्वयन को सुगम बनाया जा सके और आगामी समीक्षा चक्र से पहले लंबित मुद्दों का समाधान हो सके।
सम्मेलन में यह जांचा गया कि पात्र वन‑निर्भर परिवारों को भूमि‑शीर्षक मिला है या नहीं, वन भूमि की सीमांकन की प्रगति और शिकायत निवारण तंत्र की प्रभावशीलता कैसी है। दस्तावेज़ीकरण में खामियों को उजागर किया गया और सत्यापन प्रक्रिया को तेज करने की मांग की गई।
सरकार ने अधिनियम की शर्तों को निर्धारित समय‑सीमा में पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई और फील्ड सत्यापन व स्थानीय संस्थाओं के क्षमता निर्माण के लिए अतिरिक्त संसाधन प्रदान करने का वादा किया। यह समीक्षा नीति में आवश्यक संशोधन और भविष्य की कार्यवाहियों को दिशा देने के लिये आधार बनेगी।
सभी पक्षों ने अगले कुछ हफ्तों में राज्य मंत्रिपरिषद को एक संयुक्त रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर सहमति जताई, जिससे कार्यान्वयन को सुगम बनाया जा सके और आगामी समीक्षा चक्र से पहले लंबित मुद्दों का समाधान हो सके।