🔥 ट्रेंडिंग द ववन – फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट का बॉक्स ऑफ... तमिलनाडु में युवा 'कॉकरोच' आंदोलन ने च... वीसीके ने ग्यानेश कुमार के इस्तीफे की... धरापुराम चुनाव में तीन प्रमुख उम्मीदवा... बिहार में सोने की कीमतें 3 अक्टूबर 202... बिहार का 73% क्षेत्र बाढ़ग्रस्त; वार्ष...
03 अक्टू. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
जम्मू और कश्मीर सरकार ने न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष करने का निर्णय लिया
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
राजनीति

जम्मू और कश्मीर सरकार ने न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष करने का निर्णय लिया

✍️ Kashmir Life 🗓 03 अक्टू. 2026, 03:37 PM 👁 16
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

जम्मू और कश्मीर सरकार ने न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 से 62 वर्ष करने का प्रस्ताव मंजूर किया, ताकि अनुभवी न्यायाधीशों को बनाए रखा जा सके।

जम्मू और कश्मीर सरकार ने हाल ही में न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 से 62 वर्ष करने का प्रस्ताव मंजूर किया। यह निर्णय एक कैबिनेट बैठक में लिया गया और अनुभवी न्यायाधीशों को लंबे समय तक न्यायपालिका में रखने के उद्देश्य को दर्शाता है।

इस कदम से मामलों के बैकलॉग को कम करने में मदद मिलेगी, क्योंकि अनुभवी न्यायाधीश जटिल मामलों को संभालने में सक्षम होते हैं। सरकार का कहना है कि यह बदलाव न्यायिक प्रणाली की दक्षता बढ़ाएगा।

कैबिनेट की मंजूरी के बाद, प्रस्ताव को गवर्नर के पास अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। अभी तक किसी विरोध की रिपोर्ट नहीं है और सरकार ने कहा है कि यह परिवर्तन एक नए अध्यादेश के माध्यम से लागू किया जाएगा।

यह निर्णय अन्य भारतीय राज्यों के समान सुधारों के अनुरूप है, जहाँ न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाकर न्यायिक क्षमता बढ़ाने का प्रयास किया गया है।
📲Get App