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जमुई सदर की पहली महिला एसडीपीओ बनीं दीप्ति मोनाली, UPSC में हासिल की थी 184वीं रैंक
आईपीएस अधिकारी दीप्ति मोनाली ने जमुई सदर अनुमंडल की पहली महिला पुलिस उपाधीक्षक (एसडीपीओ) के रूप में पदभार ग्रहण किया है। उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा 2023 में 184वीं अखिल भारतीय रैंक हासिल की थी।
पूर्वी चंपारण की निवासी आईपीएस अधिकारी दीप्ति मोनाली ने सिविल सेवा परीक्षा 2023 में अपने पहले ही प्रयास में 184वीं अखिल भारतीय रैंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। 2024 बैच की बिहार कैडर की अधिकारी मोनाली ने पटना के डीएवी स्कूल से अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी की और दिल्ली विश्वविद्यालय के दौलत राम कॉलेज से दर्शनशास्त्र में स्नातक की डिग्री हासिल की। उन्होंने मिरांडा हाउस से दर्शनशास्त्र में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की है।
अपने प्रशिक्षण के दौरान, दीप्ति मोनाली की पहली तैनाती गया में सहायक पुलिस अधीक्षक के रूप में हुई थी। इसके बाद, उन्होंने सितंबर 2026 में जमुई सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) का पदभार संभाला। इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त होने वाली वह जमुई जिले की पहली महिला अधिकारी हैं, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
वर्तमान में, जमुई में एक छात्रा से जुड़े संवेदनशील मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) का नेतृत्व भी दीप्ति मोनाली कर रही हैं। इस नई जिम्मेदारी के साथ, जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संवेदनशील मामलों की गहन जांच में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अपने प्रशिक्षण के दौरान, दीप्ति मोनाली की पहली तैनाती गया में सहायक पुलिस अधीक्षक के रूप में हुई थी। इसके बाद, उन्होंने सितंबर 2026 में जमुई सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) का पदभार संभाला। इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त होने वाली वह जमुई जिले की पहली महिला अधिकारी हैं, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
वर्तमान में, जमुई में एक छात्रा से जुड़े संवेदनशील मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) का नेतृत्व भी दीप्ति मोनाली कर रही हैं। इस नई जिम्मेदारी के साथ, जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संवेदनशील मामलों की गहन जांच में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।