जलधारे परियोजना के कथित अवैज्ञानिक कार्य को सड़क हादसे का कारण बताया गया: दो की मौत; राज्य राजमार्ग पर प्रदर्शन
📰 जालहल्लि–देवदुर्ग | ब्रेकिंग न्यूज़
जलधारे परियोजना के कथित अवैज्ञानिक कार्य को सड़क हादसे का कारण बताया गया: दो की मौत; राज्य राजमार्ग पर प्रदर्शन
मृतकों के परिवारों को मुआवजे की मांग; अस्पताल से शव ले जाने से किया इनकार। तालुक प्रशासन और जलधारे अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन वापस
जालहल्लि, 24 सितंबर: रायचूर जिले के देवदुर्ग तालुक के जालहल्लि कस्बे में जे.जे. कल्याण मंडप के पास राज्य राजमार्ग पर बुधवार रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे में एक बोलेरो वाहन की टक्कर से होसूरु सिद्धापुर गांव के निंगय्या (18) और जालहल्लि के गोपालापुर निवासी हनुमय्या (48) की मौके पर ही मौत हो गई। घायलों को आगे के इलाज के लिए रायचूर के RIMS अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कथित अवैज्ञानिक कार्य को लेकर आक्रोश
मृतकों के परिजनों, स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों के नेताओं ने गुरुवार को राज्य राजमार्ग पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि राज्य राजमार्ग के किनारे चल रहे जलधारे परियोजना (JJM) के कार्य के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपाय नहीं किए गए थे, जिसके कारण यह हादसा हुआ।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि सड़क किनारे खुले गड्ढे छोड़ दिए गए थे और वहां उचित चेतावनी बोर्ड, बैरिकेड तथा अन्य सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई थी, जिससे वाहन चालकों के लिए खतरा पैदा हो रहा था।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि रात के समय निर्माण स्थल स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देने के कारण हादसा हुआ है। कार्य के दौरान आवश्यक सुरक्षा सावधानियां नहीं बरतने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ मामला दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रत्येक मृतक परिवार को ₹10 लाख मुआवजे की मांग
प्रदर्शनकारियों ने दोनों मृतकों के परिवारों को ₹10 लाख-₹10 लाख मुआवजा देने की मांग की। साथ ही परियोजना कार्य में कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान मृतकों के परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल से शव ले जाने से इनकार कर दिया और राज्य राजमार्ग पर धरना दिया। इससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ।
इस दौरान नरसन्ना नायक और अधिवक्ता बसनगौड़ा देसाई ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए मुआवजे सहित विभिन्न मांगों को सामने रखा।
अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन वापस
तालुक प्रशासन के अधिकारियों तथा जलधारे परियोजना के अधिकारियों, जिनमें AEE हीरालाल और बसवराज शामिल थे, ने पुलिस अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से चर्चा की।
अधिकारियों द्वारा मृतकों के परिवारों को मुआवजा दिलाने के संबंध में आश्वासन देने तथा परियोजना के कार्यस्थलों पर आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने का भरोसा दिए जाने के बाद प्रदर्शन वापस ले लिया गया।
मौके पर DYSP दत्तात्रेय, CPI पुंडलिक होस्केरप्पा, जालहल्लि PSI वैशाली जालकी सहित पुलिसकर्मी और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
प्रदर्शन में श्रीमती श्रीदेवी नायक, अधिवक्ता बसनगौड़ा देसाई, वीरन्ना बाले साहूकार, नरसन्ना नायक, चंद्रप्पा बुद्धिन्नी, मनप्पा कावली, मकतूम पराशी, वेंकन्ना यारकमट्टी, शांतप्पा बाले, खुर्शीद पटेल, हनुमय्या, भीमनगौड़ा, शंकरगौड़ा, हुसैन नसी, हैदर साब मुल्ला, यमनूरप्पा कर्नाल, मौनेश होसूरु, बसवराज होसूरु, रंगन्ना कोलकर, भीमन्ना गुमेदार, श्रीधर देसाई, नंदप्पा पी. मड्डी, बालप्पा बालिमानी, दुरुगप्पा रामपल्ली, मौनेश जालहल्लि, तिम्मन्ना दीवान, बसवराज, भीमनन्ना नायक, तम्मन्ना, भीमराया मकाशी, हनुमंत मडिवाल, तम्मन्ना हेरुंडी, रंगनाथ मुरल, अंबय्या, अय्यप्पा स्वामी गणजालिमठ, रमेश बागुर, रंगप्पा बांडी, गुदडप्पा मंडलगुड्डा, यंकप्पा मुरल, रंगप्पा जोलदहदगी, शिवप्पा जल्ली, बसवराज दोड्डमनी, रंगप्पा कावली, शिवप्पा बेल्लद, तिम्मन्ना बुनकलडोड्डी, शरणप्पा रंगप्पा बिलार, मौनेश बेंगंडी सहित होसूरु सिद्धापुर के सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए।
रिपोर्ट: खाजा हुसैन बाबा, जालहल्लि
जलधारे परियोजना के कथित अवैज्ञानिक कार्य को सड़क हादसे का कारण बताया गया: दो की मौत; राज्य राजमार्ग पर प्रदर्शन
मृतकों के परिवारों को मुआवजे की मांग; अस्पताल से शव ले जाने से किया इनकार। तालुक प्रशासन और जलधारे अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन वापस
जालहल्लि, 24 सितंबर: रायचूर जिले के देवदुर्ग तालुक के जालहल्लि कस्बे में जे.जे. कल्याण मंडप के पास राज्य राजमार्ग पर बुधवार रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे में एक बोलेरो वाहन की टक्कर से होसूरु सिद्धापुर गांव के निंगय्या (18) और जालहल्लि के गोपालापुर निवासी हनुमय्या (48) की मौके पर ही मौत हो गई। घायलों को आगे के इलाज के लिए रायचूर के RIMS अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कथित अवैज्ञानिक कार्य को लेकर आक्रोश
मृतकों के परिजनों, स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों के नेताओं ने गुरुवार को राज्य राजमार्ग पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि राज्य राजमार्ग के किनारे चल रहे जलधारे परियोजना (JJM) के कार्य के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपाय नहीं किए गए थे, जिसके कारण यह हादसा हुआ।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि सड़क किनारे खुले गड्ढे छोड़ दिए गए थे और वहां उचित चेतावनी बोर्ड, बैरिकेड तथा अन्य सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई थी, जिससे वाहन चालकों के लिए खतरा पैदा हो रहा था।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि रात के समय निर्माण स्थल स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देने के कारण हादसा हुआ है। कार्य के दौरान आवश्यक सुरक्षा सावधानियां नहीं बरतने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ मामला दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रत्येक मृतक परिवार को ₹10 लाख मुआवजे की मांग
प्रदर्शनकारियों ने दोनों मृतकों के परिवारों को ₹10 लाख-₹10 लाख मुआवजा देने की मांग की। साथ ही परियोजना कार्य में कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान मृतकों के परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल से शव ले जाने से इनकार कर दिया और राज्य राजमार्ग पर धरना दिया। इससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ।
इस दौरान नरसन्ना नायक और अधिवक्ता बसनगौड़ा देसाई ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए मुआवजे सहित विभिन्न मांगों को सामने रखा।
अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन वापस
तालुक प्रशासन के अधिकारियों तथा जलधारे परियोजना के अधिकारियों, जिनमें AEE हीरालाल और बसवराज शामिल थे, ने पुलिस अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से चर्चा की।
अधिकारियों द्वारा मृतकों के परिवारों को मुआवजा दिलाने के संबंध में आश्वासन देने तथा परियोजना के कार्यस्थलों पर आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने का भरोसा दिए जाने के बाद प्रदर्शन वापस ले लिया गया।
मौके पर DYSP दत्तात्रेय, CPI पुंडलिक होस्केरप्पा, जालहल्लि PSI वैशाली जालकी सहित पुलिसकर्मी और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
प्रदर्शन में श्रीमती श्रीदेवी नायक, अधिवक्ता बसनगौड़ा देसाई, वीरन्ना बाले साहूकार, नरसन्ना नायक, चंद्रप्पा बुद्धिन्नी, मनप्पा कावली, मकतूम पराशी, वेंकन्ना यारकमट्टी, शांतप्पा बाले, खुर्शीद पटेल, हनुमय्या, भीमनगौड़ा, शंकरगौड़ा, हुसैन नसी, हैदर साब मुल्ला, यमनूरप्पा कर्नाल, मौनेश होसूरु, बसवराज होसूरु, रंगन्ना कोलकर, भीमन्ना गुमेदार, श्रीधर देसाई, नंदप्पा पी. मड्डी, बालप्पा बालिमानी, दुरुगप्पा रामपल्ली, मौनेश जालहल्लि, तिम्मन्ना दीवान, बसवराज, भीमनन्ना नायक, तम्मन्ना, भीमराया मकाशी, हनुमंत मडिवाल, तम्मन्ना हेरुंडी, रंगनाथ मुरल, अंबय्या, अय्यप्पा स्वामी गणजालिमठ, रमेश बागुर, रंगप्पा बांडी, गुदडप्पा मंडलगुड्डा, यंकप्पा मुरल, रंगप्पा जोलदहदगी, शिवप्पा जल्ली, बसवराज दोड्डमनी, रंगप्पा कावली, शिवप्पा बेल्लद, तिम्मन्ना बुनकलडोड्डी, शरणप्पा रंगप्पा बिलार, मौनेश बेंगंडी सहित होसूरु सिद्धापुर के सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए।
रिपोर्ट: खाजा हुसैन बाबा, जालहल्लि