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जिलाधिकारी कटिहार श्री आशुतोष द्विवेदी ने एलईडी जागरूकता वाहनों को समाहरणालय परिसर से हरी झंडी दिखाकर किया रवाना।
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जिलाधिकारी कटिहार श्री आशुतोष द्विवेदी ने एलईडी जागरूकता वाहनों को समाहरणालय परिसर से हरी झंडी दिखाकर किया रवाना।
कटिहार,छवीस अक्टूबर वज्रपात एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए जिले में विशेष जन-जागरूकता अभियान का शुभारंभ !
बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं जिला प्रशासन के तत्वावधान में कटिहार जिले में वज्रपात (आकाशीय बिजली) से होने वाली जन-धन की हानि को न्यूनतम करने एवं आमजनों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष सघन जागरूकता अभियान की शुरुआत की जा रही है।
इसी क्रम में श्री आशुतोष द्विवेदी ,जिला पदाधिकारी, कटिहार द्वारा समाहरणालय परिसर से 4 सुसज्जित एल०ई०डी० युक्त वज्रपात सुरक्षा रथों को हरी झंडी दिखाकर विभिन्न पंचायतों के लिए रवाना किया गया।
जन जागरुकता कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं :
• 80 संवेदनशील पंचायतों में भ्रमण: यह वज्रपात सुरक्षा रथ अगले 10 दिनों तक कटिहार जिले के सभी 16 प्रखंडों के 80 संवेदनशील पंचायतों का भ्रमण करेंगे।
• एल०ई०डी० स्क्रीन व वीडियो के माध्यम से जागरूकता: वाहनों में स्थापित उच्च गुणवत्ता वाले P6 LED स्क्रीन एवं साउंड सिस्टम के माध्यम से ग्रामीणों को वज्रपात से बचाव, सावधानियों और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जाएगी।
आपदा मित्रों की तैनाती
प्रत्येक वाहन के साथ 2 प्रशिक्षित आपदा मित्र मौजूद रहेंगे, जो गांव-गांव में पैम्पलेट वितरण करेंगे एवं मॉकड्रिल के माध्यम से सुरक्षा तकनीकों का प्रदर्शन करेंगे।
सचेत ऐप का प्रचार
ग्रामीणों को अपने मोबाइल में वज्रपात की पूर्व चेतावनी देने वाले 'सचेत' ऐप को डाउनलोड करने एवं उपयोग करने के प्रति जागरूक किया जाएगा।
इस अवसर पर श्री फिरोज अख्तर, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) कटिहार, श्री अभिषेक कुमार, प्रभारी पदाधिकारी जिला गोपनीय प्रशाखा एवं सुश्री रीतिका भारती, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी (ADMO), कटिहार सहित जिला प्रशासन के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मीगण भी उपस्थित रहें।
जिला प्रशासन, कटिहार सभी नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों से अपील करता है कि इस जन-जागरूकता अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और वज्रपात से बचाव के उपायों को अपनाकर स्वयं एवं अपने परिवार को सुरक्षित रखें।
एलईडी स्क्रीन के माध्यम से प्रदर्शित जागरूकता संदेशों के जरिए आमजन को आपदा के दौरान सही निर्णय लेने, सुरक्षित स्थानों पर आश्रय लेने तथा जोखिम से बचने के उपायों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
वज्रपात के दौरान रखें इन जरूरी बातों का ध्यानः
गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों में जाने से बचें और सुरक्षित, पक्के भवन में शरण लें।
पेड़ों, बिजली के खंभों, टावरों एवं अन्य ऊँची एकाकी संरचनाओं से दूर रहें।
खेतों या खुले स्थानों में होने पर जल्द से जल्द सुरक्षित आश्रय
तालाब, नदी एवं अन्य जलस्रोतों से दूर रहें।
मौसम संबंधी चेतावनियों एवं प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
आपदा के समय घबराने के बजाय सतर्कता बरतें और दूसरों को भी सुरक्षित रहने के लिए जागरूक करें।
अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आपदा संबंधी जागरूकता बढ़ाना, आपदा जोखिम को कम करना तथा आमजन को सुरक्षित व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना है। समय पर सही जानकारी और आवश्यक सावधानियों का पालन कर जान-माल की क्षति को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
जिलाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा अधिकाधिक लोगों तक आपदा सुरक्षा संबंधी संदेश पहुँचाने का निर्देश दिया। उन्होंने जन-जागरूकता को आपदाओं से होने वाली क्षति कम करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं जिला प्रशासन के तत्वावधान में कटिहार जिले में वज्रपात (आकाशीय बिजली) से होने वाली जन-धन की हानि को न्यूनतम करने एवं आमजनों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष सघन जागरूकता अभियान की शुरुआत की जा रही है।
इसी क्रम में श्री आशुतोष द्विवेदी ,जिला पदाधिकारी, कटिहार द्वारा समाहरणालय परिसर से 4 सुसज्जित एल०ई०डी० युक्त वज्रपात सुरक्षा रथों को हरी झंडी दिखाकर विभिन्न पंचायतों के लिए रवाना किया गया।
जन जागरुकता कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं :
• 80 संवेदनशील पंचायतों में भ्रमण: यह वज्रपात सुरक्षा रथ अगले 10 दिनों तक कटिहार जिले के सभी 16 प्रखंडों के 80 संवेदनशील पंचायतों का भ्रमण करेंगे।
• एल०ई०डी० स्क्रीन व वीडियो के माध्यम से जागरूकता: वाहनों में स्थापित उच्च गुणवत्ता वाले P6 LED स्क्रीन एवं साउंड सिस्टम के माध्यम से ग्रामीणों को वज्रपात से बचाव, सावधानियों और सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जाएगी।
आपदा मित्रों की तैनाती
प्रत्येक वाहन के साथ 2 प्रशिक्षित आपदा मित्र मौजूद रहेंगे, जो गांव-गांव में पैम्पलेट वितरण करेंगे एवं मॉकड्रिल के माध्यम से सुरक्षा तकनीकों का प्रदर्शन करेंगे।
सचेत ऐप का प्रचार
ग्रामीणों को अपने मोबाइल में वज्रपात की पूर्व चेतावनी देने वाले 'सचेत' ऐप को डाउनलोड करने एवं उपयोग करने के प्रति जागरूक किया जाएगा।
इस अवसर पर श्री फिरोज अख्तर, अपर समाहर्ता (आपदा प्रबंधन) कटिहार, श्री अभिषेक कुमार, प्रभारी पदाधिकारी जिला गोपनीय प्रशाखा एवं सुश्री रीतिका भारती, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी (ADMO), कटिहार सहित जिला प्रशासन के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मीगण भी उपस्थित रहें।
जिला प्रशासन, कटिहार सभी नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों से अपील करता है कि इस जन-जागरूकता अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और वज्रपात से बचाव के उपायों को अपनाकर स्वयं एवं अपने परिवार को सुरक्षित रखें।
एलईडी स्क्रीन के माध्यम से प्रदर्शित जागरूकता संदेशों के जरिए आमजन को आपदा के दौरान सही निर्णय लेने, सुरक्षित स्थानों पर आश्रय लेने तथा जोखिम से बचने के उपायों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
वज्रपात के दौरान रखें इन जरूरी बातों का ध्यानः
गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों में जाने से बचें और सुरक्षित, पक्के भवन में शरण लें।
पेड़ों, बिजली के खंभों, टावरों एवं अन्य ऊँची एकाकी संरचनाओं से दूर रहें।
खेतों या खुले स्थानों में होने पर जल्द से जल्द सुरक्षित आश्रय
तालाब, नदी एवं अन्य जलस्रोतों से दूर रहें।
मौसम संबंधी चेतावनियों एवं प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
आपदा के समय घबराने के बजाय सतर्कता बरतें और दूसरों को भी सुरक्षित रहने के लिए जागरूक करें।
अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आपदा संबंधी जागरूकता बढ़ाना, आपदा जोखिम को कम करना तथा आमजन को सुरक्षित व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना है। समय पर सही जानकारी और आवश्यक सावधानियों का पालन कर जान-माल की क्षति को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
जिलाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को अभियान का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा अधिकाधिक लोगों तक आपदा सुरक्षा संबंधी संदेश पहुँचाने का निर्देश दिया। उन्होंने जन-जागरूकता को आपदाओं से होने वाली क्षति कम करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बताया।