🔥 ट्रेंडिंग ईसीआई ने चुनाव कराने का निर्देश दिया,... मणिपुर सीएम ने केंद्र से त्वरित वित्ती... मेघालय की महिला क्रिकेट टीम ने सीनियर... कोस्ट गार्ड ने पोर्बंदर में समुद्री प्... पुणे पुलिस अधिकारी को 30 लाख रुपये की... सभी 11 आरोपी को 6 नवंबर तक पुलिस हिरास...
30 अक्टू. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
जालौर में 32 साल बाद सभापति सीट अनारक्षित, चुनाव में सरगर्मी तेज
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Wikimedia Commons
राजनीति

जालौर में 32 साल बाद सभापति सीट अनारक्षित, चुनाव में सरगर्मी तेज

✍️ Amar Ujala · Rajasthan 🗓 22 अग. 2026, 07:12 AM 👁 35
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

जालौर नगर परिषद में 32 साल बाद सभापति पद अनारक्षित हो गया, जिससे दिग्गज राजनेता चुनाव की तैयारी में जुटे हैं।

जालौर नगर परिषद ने यह घोषणा की कि सभापति पद, जो पहले आरक्षित था, अब 32 साल बाद सभी के लिए खुला है। इस बदलाव से उन अनुभवी राजनेताओं की भागीदारी बढ़ेगी, जिन्हें आरक्षण नियमों के कारण पहले पीछे रखा गया था।

भाजपा और कांग्रेस दोनों को अब वार्ड स्तर पर मजबूत उम्मीदवार पेश करने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा। दोनों दलों को स्थानीय प्रभाव और पार्टी की व्यापक रणनीति को संतुलित करके मतों को जीतना होगा।

सभापति की अंतिम नियुक्ति इस बात पर निर्भर करेगी कि कौन सा दल या गठबंधन नगर परिषद में स्पष्ट बहुमत हासिल करता है। बहुमत स्थापित होने तक कुर्सी का फैसला अनिश्चित रहेगा, जिससे राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तीव्र बनी हुई है।

चुनाव अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अनारक्षित स्थिति सभी वार्डों पर लागू होगी, जिससे जालौर के स्थानीय शासन में शक्ति संतुलन बदल सकता है।

विश्लेषकों का मानना है कि इस बढ़ी हुई प्रतिस्पर्धा से शहर के विकास कार्यों और नागरिक प्रशासन पर भी असर पड़ सकता है।
📲Get App