🔥 ट्रेंडिंग तृषा मामले में गिरिबाला की जमानत याचिक... अल्कोहल से मौतों के बाद, देवास और सगर... कुनो राष्ट्रीय उद्यान में दुखद घटना: च... दिल्ली के रूप nagar में 70 लाख रुपये क... महाराष्ट्र लोकाधिकार समितीने चिपळूण पो... ଓଡ଼ିଶା ଶାସନ ଦ୍ୱାରା IAS ଅଦଳ ବଦଳ: ନୂତନ ନ...
28 अक्टू. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
स्थानीय

जालौन में रबी सीजन में खाद की किल्लत नहीं होने देंगे: जिलाधिकारी समीर

✍️ रिपोर्टर: Pankaj Gupta 🗓 27 अक्टू. 2026, 10:58 PM 👁 31
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

27 अक्टूबर को काम पर नहीं लौटने वाले समिति सचिवों एवं कर्मचारियों पर अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई, दोषियों को सेवा से हटाने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।

उरई, जालौन। रबी सीजन में किसानों को खाद की किल्लत नहीं होने दी जाएगी। सहकारी समितियों के सचिवों एवं कर्मचारियों की हड़ताल के बावजूद जनपद में उर्वरक की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए वैकल्पिक इंतजाम किए गए हैं। यह जानकारी देते हुए जिलाधिकारी समीर ने कहा कि किसानों को समय से खाद उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि हड़ताल के मद्देनजर जनपद में विभिन्न सहकारी एवं अन्य संस्थाओं के कुल 23 केंद्रों से उर्वरक बिक्री की व्यवस्था की गई है। इनमें सहकारी संघों के पांच, क्रय-विक्रय समितियों के तीन, पीसीएफ के तीन, आईएफएफडीसी के आठ तथा डीसीडीएफ, जालौन बहुउद्देशीय विपणन सहकारी समिति, इफको ई-बाजार और एग्रीजंक्शन के एक-एक केंद्र शामिल हैं। इन केंद्रों पर डीएपी उर्वरक की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने बताया कि सहकारी संघों, क्रय-विक्रय समितियों एवं पीसीएफ के बिक्री केंद्रों पर रैक प्वाइंट से डीएपी की खेप 27 अक्टूबर तक पहुंच रही है। इन केंद्रों पर चरणबद्ध तरीके से बिक्री शुरू की जाएगी, जबकि शेष केंद्रों पर 28 अक्टूबर से उर्वरक की बिक्री प्रारंभ होगी। इससे किसानों को खाद प्राप्त करने में परेशानी नहीं होगी।
हड़ताल पर सख्त प्रशासन, काम पर नहीं लौटने वालों पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने बताया कि शासन ने रबी सीजन में उर्वरक की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (ESMA) लागू किया है, जिसके तहत सहकारी समितियों में हड़ताल प्रतिबंधित है। इसके बावजूद सचिवों एवं कर्मचारियों के काम पर नहीं लौटने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाएगा।
आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के क्रम में यदि संबंधित समितियों के सचिव एवं कर्मचारी कार्य पर नहीं लौटते हैं, तो अपरिहार्य स्थिति में अन्य विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती कर समितियों के माध्यम से भी खाद की बिक्री कराई जाएगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि 27 अक्टूबर को भी वितरण कार्य नहीं करने वाले सचिवों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश सहकारी समिति अधिनियम, 1965 की धारा 38 के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, संबंधित कर्मचारियों को समिति की सेवा से हटाने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी। समस्या होने पर यहां करें संपर्क जिलाधिकारी समीर ने किसानों से अपील की है कि वे उर्वरक की उपलब्धता को लेकर परेशान न हों। खाद की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त करने अथवा किसी समस्या के समाधान के लिए सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक, सहकारिता के मोबाइल नंबर 9412421992 पर संपर्क कर सकते हैं।
उन्होंने दोहराया कि प्रशासन किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और रबी सीजन में खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
📲Get App