📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / U.S. Secretary of Defense
विदेश
जैशंकर: चीन के साथ व्यापार अनिवार्य, तनाव के बावजूद
✍️ TheWire.in
🗓 23 अग. 2026, 09:40 AM
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विदेश मंत्री एस. जैशंकर ने कहा कि आर्थिक कारणों से भारत को चीन के साथ व्यापार जारी रखना पड़ेगा।
नई दिल्ली – विदेश मंत्री एस. जैशंकर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि भारत को चीन के साथ आर्थिक संबंध तोड़ने का खर्च नहीं उठाना चाहिए, चाहे भू‑राजनीतिक तनाव मौजूद हों। उन्होंने बताया कि व्यापार दोनों देशों के लिए व्यावहारिक आवश्यकता है और अलगाव से भारतीय उपभोक्ता व उद्योग दोनों को नुकसान होगा।
जैशंकर ने कहा कि चीन भारत का प्रमुख व्यापारिक साझेदार बना हुआ है, विशेषकर इलेक्ट्रॉनिक घटकों और कच्चे माल के आयात में उसकी बड़ी हिस्सेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि रणनीतिक प्रतिस्पर्धा जारी है, परंतु दोनों अर्थव्यवस्थाओं का आपसी जुड़ाव उन्हें व्यावसायिक रूप से सह-अस्तित्व की राह खोजने के लिए प्रेरित करता है।
यह बयान नई दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक हितों के संतुलन पर चल रहे बहस के बीच आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान एक संतुलित नीति का संकेत देता है, जो आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता को सुरक्षित रखते हुए बीजिंग के प्रति व्यापक रणनीतिक रुख को भी कायम रखता है।
जैशंकर ने कहा कि चीन भारत का प्रमुख व्यापारिक साझेदार बना हुआ है, विशेषकर इलेक्ट्रॉनिक घटकों और कच्चे माल के आयात में उसकी बड़ी हिस्सेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि रणनीतिक प्रतिस्पर्धा जारी है, परंतु दोनों अर्थव्यवस्थाओं का आपसी जुड़ाव उन्हें व्यावसायिक रूप से सह-अस्तित्व की राह खोजने के लिए प्रेरित करता है।
यह बयान नई दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक हितों के संतुलन पर चल रहे बहस के बीच आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान एक संतुलित नीति का संकेत देता है, जो आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता को सुरक्षित रखते हुए बीजिंग के प्रति व्यापक रणनीतिक रुख को भी कायम रखता है।