📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Suyash Dwivedi
मनोरंजन
जयपुर साहित्य महोत्सव ने 20 साल पूरे, 20वां संस्करण 14-18 जनवरी 2027 को
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 02 सित. 2026, 01:27 PM
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जयपुर साहित्य महोत्सव 14 से 18 जनवरी 2027 तक ‘विचारों, कहानियों और संवाद के 20 साल’ थीम के साथ 20वां संस्करण मनाएगा।
जयपुर, राजस्थान – शहर का प्रमुख साहित्यिक मंच, जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल, 14 से 18 जनवरी 2027 तक अपने 20वें संस्करण के साथ दो दशकों की सांस्कृतिक संवाद यात्रा का जश्न मनाएगा। आयोजकों ने “विचारों, कहानियों और संवाद के 20 साल” थीम चुनी है, जो फेस्टिवल के विकास और विभिन्न भाषाओं व सीमाओं के बीच साहित्यिक आदान‑प्रदान को दर्शाती है।
पाँच दिन के कार्यक्रम में लेखक वार्तालाप, पैनल चर्चा, पुस्तक विमोचन और प्रस्तुतियों का मिश्रण रहेगा, जो जयपुर के सिटी पैलेस और जवाहर कला केंद्र जैसे स्थलों पर आयोजित होगा। प्रमुख भारतीय और अंतरराष्ट्रीय लेखकों, कवियों, पत्रकारों और विद्वानों की भागीदारी की उम्मीद है, हालांकि विस्तृत सूची अभी घोषित नहीं हुई है।
2006 में शुरू होने के बाद से यह फेस्टिवल विश्व के सबसे बड़े मुफ्त प्रवेश वाले साहित्यिक कार्यक्रमों में से एक बन गया है, जो हर साल हजारों पाठकों और पर्यटकों को आकर्षित करता है। 2027 का संस्करण इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए नए मंचों पर उभरती आवाज़ों को भी अवसर देगा।
स्थानीय प्राधिकरणों ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की योजना को अंतिम रूप दे दिया है, और शहर की आतिथ्य उद्योग आने वाले आगंतुकों के लिए तैयार हो रही है। आयोजक आशा करते हैं कि यह वार्षिक उत्सव जयपुर को भारत और विदेशों में सांस्कृतिक केंद्र के रूप में और अधिक सुदृढ़ करेगा।
पाँच दिन के कार्यक्रम में लेखक वार्तालाप, पैनल चर्चा, पुस्तक विमोचन और प्रस्तुतियों का मिश्रण रहेगा, जो जयपुर के सिटी पैलेस और जवाहर कला केंद्र जैसे स्थलों पर आयोजित होगा। प्रमुख भारतीय और अंतरराष्ट्रीय लेखकों, कवियों, पत्रकारों और विद्वानों की भागीदारी की उम्मीद है, हालांकि विस्तृत सूची अभी घोषित नहीं हुई है।
2006 में शुरू होने के बाद से यह फेस्टिवल विश्व के सबसे बड़े मुफ्त प्रवेश वाले साहित्यिक कार्यक्रमों में से एक बन गया है, जो हर साल हजारों पाठकों और पर्यटकों को आकर्षित करता है। 2027 का संस्करण इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए नए मंचों पर उभरती आवाज़ों को भी अवसर देगा।
स्थानीय प्राधिकरणों ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की योजना को अंतिम रूप दे दिया है, और शहर की आतिथ्य उद्योग आने वाले आगंतुकों के लिए तैयार हो रही है। आयोजक आशा करते हैं कि यह वार्षिक उत्सव जयपुर को भारत और विदेशों में सांस्कृतिक केंद्र के रूप में और अधिक सुदृढ़ करेगा।