📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
राजनीति
मध्य प्रदेश: आदिवासी छात्रावास अधीक्षकों के स्थानांतरण पर हाईकोर्ट की रोक
✍️ Amar Ujala · Jabalpur
🗓 21 अक्टू. 2026, 09:35 PM
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ ने आदिवासी छात्रावास अधीक्षकों के स्थानांतरण पर रोक लगा दी है और जनजातीय कार्य विभाग को 30 दिनों में संबंधित अभ्यावेदनों का निराकरण करने का निर्देश दिया है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ ने आदिवासी छात्रावासों के अधीक्षकों के स्थानांतरण से जुड़े मामले में दखल दिया है। जस्टिस विवेक कुमार सिंह की एकलपीठ ने इन प्रशासनिक स्थानांतरणों के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है, जिससे मौजूदा स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा।
कोर्ट ने जनजातीय कार्य विभाग को विशेष निर्देश दिया है कि वे संबंधित अभ्यावेदनों और शिकायतों का निराकरण 30 दिनों के कड़े समय सीमा के भीतर पूरा करें। यह आदेश सुनिश्चित करने के लिए दिया गया है कि प्रशासनिक प्रक्रिया पारदर्शी और समय पर हो।
इस आदेश से पता चलता है कि न्यायालय आदिवासी छात्रावासों के प्रबंधन में शामिल कर्मचारियों के हितों की रक्षा पर विशेष ध्यान दे रहा है। स्थानांतरण पर रोक लगाकर और निराकरण के लिए स्पष्ट समय सीमा तय करके, कोर्ट ने विभाग की प्रतिक्रिया का कड़ाई से निरीक्षण करने का संकेत दिया है।
कोर्ट ने जनजातीय कार्य विभाग को विशेष निर्देश दिया है कि वे संबंधित अभ्यावेदनों और शिकायतों का निराकरण 30 दिनों के कड़े समय सीमा के भीतर पूरा करें। यह आदेश सुनिश्चित करने के लिए दिया गया है कि प्रशासनिक प्रक्रिया पारदर्शी और समय पर हो।
इस आदेश से पता चलता है कि न्यायालय आदिवासी छात्रावासों के प्रबंधन में शामिल कर्मचारियों के हितों की रक्षा पर विशेष ध्यान दे रहा है। स्थानांतरण पर रोक लगाकर और निराकरण के लिए स्पष्ट समय सीमा तय करके, कोर्ट ने विभाग की प्रतिक्रिया का कड़ाई से निरीक्षण करने का संकेत दिया है।