📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Unknown Mughal artist
शिक्षा
जबलपुर हाईकोर्ट ने फीस विवाद में एमएसडब्ल्यू छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 18 सित. 2026, 08:15 AM
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जबलपुर हाईकोर्ट की एकलपीठ ने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के एमएसडब्ल्यू छात्रों को फीस विवाद के कारण दायर याचिका के बाद परीक्षा में बैठने की अनुमति दी।
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के एमएसडब्ल्यू कार्यक्रम में फीस विवाद के कारण कई छात्रों को निर्धारित परीक्षा में बैठने से रोका गया था। छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय ने देय राशि का स्पष्ट विवरण नहीं दिया और पहले की किस्तें जमा करने के बावजूद उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश नहीं दिया गया।
इस पर प्रतिक्रिया स्वरूप छात्रों ने परीक्षा शुरू होने से मात्र एक घंटे पहले जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की। एकलपीठ ने तात्कालिक सुनवाई की, यह देखते हुए कि परीक्षा का समय निकट है और छात्रों की शैक्षणिक प्रगति पर असर पड़ सकता है।
कोर्ट ने तुरंत आदेश दिया कि छात्रों को बिना किसी और देरी के परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाए। साथ ही विश्वविद्यालय को प्रभावित छात्रों को औपचारिक नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया, जिससे फीस विवाद को अलग से सुलझाया जा सके।
विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने कोर्ट के आदेश का पालन करने का आश्वासन दिया और कहा कि नोटिस के अनुसार फीस संरचना की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। यह निर्णय छात्रों को तत्काल परीक्षा में बैठने का अधिकार वापस देता है, जबकि व्यापक विवाद पर आगे विचार किया जाएगा।
इस पर प्रतिक्रिया स्वरूप छात्रों ने परीक्षा शुरू होने से मात्र एक घंटे पहले जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की। एकलपीठ ने तात्कालिक सुनवाई की, यह देखते हुए कि परीक्षा का समय निकट है और छात्रों की शैक्षणिक प्रगति पर असर पड़ सकता है।
कोर्ट ने तुरंत आदेश दिया कि छात्रों को बिना किसी और देरी के परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाए। साथ ही विश्वविद्यालय को प्रभावित छात्रों को औपचारिक नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया, जिससे फीस विवाद को अलग से सुलझाया जा सके।
विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने कोर्ट के आदेश का पालन करने का आश्वासन दिया और कहा कि नोटिस के अनुसार फीस संरचना की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। यह निर्णय छात्रों को तत्काल परीक्षा में बैठने का अधिकार वापस देता है, जबकि व्यापक विवाद पर आगे विचार किया जाएगा।