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इंदौर में खाद्य मिलावट व फटाखा सुरक्षा के लिए कलेक्टर ने कड़ी कार्रवाई का आदेश दिया
कलेक्टर शिवम वर्मा ने इंदौर में खाद्य पदार्थों में मिलावट और फटाखा दुकानों में अग्नि सुरक्षा के उल्लंघन पर सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया।
इंदौर, 19 अक्टूबर 2026 – कलेक्टर श्री शिवम वर्मा की अध्यक्षता में आज समय‑सीमा पत्रों के निराकरण (टीएल) की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन सहित विभिन्न विभागों में लंबित समय‑सीमा पत्रों तथा जनसमस्याओं के निराकरण की विभागवार समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों का निर्धारित समय‑सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
त्यौहारों को देखते हुए खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के विरुद्ध चल रहे अभियान को और अधिक तेज कर प्रभावी बनाया जाये, इस बात पर कलेक्टर ने जोर दिया। नापतोल विभाग के अधिकारियों को अभियान चलाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिये गये।
दीपावली के अवसर पर फटाखा दुकानों व गोदामों में अग्नि सुरक्षा के प्रबंध न करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। फायर सेफ्टी व्यवस्था का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जायेगा और लाइसेंस प्राप्त ही दुकानों को संचालित करने की अनुमति दी जायेगी; लाइसेंसधारी के अलावा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा फटाखा दुकान/गोदाम संचालित करते पाये जाने पर उसका लाइसेंस निरस्त किया जायेगा।
सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के वेतन में कटौती के निर्देश भी दिए गये। साथ ही जल एवं पर्यावरण संरक्षण, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगों के अधिकारों के प्रति जागरूकता कार्यक्रम चलाने का भी आह्वान किया गया।
त्यौहारों को देखते हुए खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के विरुद्ध चल रहे अभियान को और अधिक तेज कर प्रभावी बनाया जाये, इस बात पर कलेक्टर ने जोर दिया। नापतोल विभाग के अधिकारियों को अभियान चलाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिये गये।
दीपावली के अवसर पर फटाखा दुकानों व गोदामों में अग्नि सुरक्षा के प्रबंध न करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। फायर सेफ्टी व्यवस्था का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जायेगा और लाइसेंस प्राप्त ही दुकानों को संचालित करने की अनुमति दी जायेगी; लाइसेंसधारी के अलावा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा फटाखा दुकान/गोदाम संचालित करते पाये जाने पर उसका लाइसेंस निरस्त किया जायेगा।
सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के वेतन में कटौती के निर्देश भी दिए गये। साथ ही जल एवं पर्यावरण संरक्षण, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगों के अधिकारों के प्रति जागरूकता कार्यक्रम चलाने का भी आह्वान किया गया।