📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
मनोरंजन
इशपाल सिंह चावला ने कहा: गाने दर्शकों के साथ बने रहें
✍️ The Times of India
🗓 29 जुल. 2026, 05:39 PM
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द टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ हालिया साक्षात्कार में इशपाल सिंह चावला ने गानों को दर्शकों के साथ बने रहने की आवश्यकता पर बल दिया, यादगार धुनों के स्थायी प्रभाव को रेखांकित किया।
इशपाल सिंह चावला ने द टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ हालिया साक्षात्कार में यह स्पष्ट किया कि गाने दर्शकों के साथ बने रहने चाहिए।
उन्होंने ज़ोर दिया कि गाने का असली मूल्य इस बात में है कि वह श्रोताओं के मन में कितनी देर तक बना रहता है। चावला के अनुसार, यादगार धुन भावनाएँ और यादें जगाती है, जिससे संगीत और दर्शकों के बीच गहरा संबंध बनता है।
उन्होंने बताया कि यह स्थायी संबंध ही संगीत को शक्तिशाली और सार्थक बनाता है। चावला का मानना है कि संगीतकारों और कलाकारों को ऐसे गीत बनाने चाहिए जो गहराई से गूँजें और श्रोताओं के दिलों में बस जाएँ।
यह साक्षात्कार चावला के संगीत के दैनिक जीवन में भूमिका और यादगार धुनें बनाने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को उजागर करता है।
उन्होंने ज़ोर दिया कि गाने का असली मूल्य इस बात में है कि वह श्रोताओं के मन में कितनी देर तक बना रहता है। चावला के अनुसार, यादगार धुन भावनाएँ और यादें जगाती है, जिससे संगीत और दर्शकों के बीच गहरा संबंध बनता है।
उन्होंने बताया कि यह स्थायी संबंध ही संगीत को शक्तिशाली और सार्थक बनाता है। चावला का मानना है कि संगीतकारों और कलाकारों को ऐसे गीत बनाने चाहिए जो गहराई से गूँजें और श्रोताओं के दिलों में बस जाएँ।
यह साक्षात्कार चावला के संगीत के दैनिक जीवन में भूमिका और यादगार धुनें बनाने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को उजागर करता है।