📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Eric Shalov
मौसम
लेरजेट दुर्घटना में -47°C ठंड और बर्फीली स्थितियों की जांच
✍️ India Today
🗓 02 नव. 2026, 04:17 PM
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लेरजेट दुर्घटना की जांच चल रही है, जहाँ अधिकारी यह देख रहे हैं कि अत्यधिक ठंड, टर्ब्युलेंस और बर्फ जमा होना कारण रहा या नहीं।
एक लेरजेट विमान का दुर्घटनाग्रस्त होना जांच को जन्म दे रहा है, जहाँ विमान ने अत्यधिक ठंड, टर्ब्युलेंस और बर्फ जमा होने जैसी कठिन मौसम स्थितियों का सामना किया।
रिपोर्टों के अनुसार, तापमान -47°C तक गिरा था और विमान के पंखों पर बर्फ की परत बन गई थी।
जांचकर्ता इस बात की पुष्टि करने के लिए फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर, मौसम रडार और हवाई नियंत्रण केंद्र के बयानों का विश्लेषण करेंगे कि इन मौसमीय कारकों ने दुर्घटना में कितना योगदान दिया।
वर्तमान में दुर्घटना स्थल और हताहतों की संख्या आधिकारिक तौर पर जारी नहीं की गई है।
यह घटना अत्यधिक ठंडे तापमान में उच्च गति वाले जेट के संचालन की कठिनाइयों को उजागर करती है और मौसम‑संबंधी नियमों की सख्ती की मांग करती है।
रिपोर्टों के अनुसार, तापमान -47°C तक गिरा था और विमान के पंखों पर बर्फ की परत बन गई थी।
जांचकर्ता इस बात की पुष्टि करने के लिए फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर, मौसम रडार और हवाई नियंत्रण केंद्र के बयानों का विश्लेषण करेंगे कि इन मौसमीय कारकों ने दुर्घटना में कितना योगदान दिया।
वर्तमान में दुर्घटना स्थल और हताहतों की संख्या आधिकारिक तौर पर जारी नहीं की गई है।
यह घटना अत्यधिक ठंडे तापमान में उच्च गति वाले जेट के संचालन की कठिनाइयों को उजागर करती है और मौसम‑संबंधी नियमों की सख्ती की मांग करती है।