📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vyacheslav Argenberg
राजनीति
बौद्धिकों ने कहा, मुफ्त उपहार से नहीं होगी वास्तविक विकास: प्रद्युम्न बाल के 94वें जन्मदिन पर
✍️ Pragativadi
🗓 07 नव. 2026, 12:01 AM
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प्रद्युम्न बाल के 94वें जन्मदिन समारोह में बौद्धिकों ने कहा कि मुफ्त उपहार और अपील‑राजनीति से स्थायी आर्थिक विकास नहीं होगा।
प्रद्युम्न बाल के 94वें जन्मदिन के अवसर पर कई बौद्धिकों ने भारत की मौजूदा विकास रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अल्पकालिक मुफ्त उपहार और अपील‑राजनीति से स्थायी आर्थिक प्रगति नहीं होगी। वक्ताओं ने संरचनात्मक सुधार, मानव पूँजी में निवेश और उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में एक नया दृष्टिकोण अपनाने की मांग की। जबकि कल्याणकारी योजनाओं के राजनीतिक आकर्षण को स्वीकार किया गया, उन्होंने वास्तविक विकास के लिए गहरी नीति‑परिवर्तन की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। कार्यक्रम का समापन इस समझ के साथ हुआ कि नीति निर्माताओं को त्वरित चुनावी लाभों के बजाय दीर्घकालिक विकास को प्राथमिकता देनी चाहिए।