📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rohit Sharma
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रणथंभौर के बाघ T-108 के चेहरे पर चोट के निशान, नर टकराव की आशंका
✍️ Amar Ujala · Rajasthan
🗓 11 अक्टू. 2026, 12:45 PM
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रणथंभौर टाइगर रिज़र्व में वन अधिकारियों ने बाघ T-108 के चेहरे पर नई चोट के निशान पाए, जिससे दूसरे नर बाघ के साथ टकराव की संभावना पर सतर्कता बढ़ी।
सवाई माधोपुर, राजस्थान के रणथंभौर टाइगर रिज़र्व में वन कर्मचारियों ने बाघ T‑108 के चेहरे के पास नई चोट के निशान पाए, जो हाल ही में की गई कैमरा‑ट्रैप जाँच में दिखे। यह निशान ताज़ा लगते हैं और बाघ की पहचान के लिए उपयोग किए जाने वाले टैग से मिलते हैं।
राजस्थान वन विभाग ने इस संकेत पर तुरंत सतर्कता बढ़ा दी है। अधिकारियों ने T‑108 के क्षेत्र में गश्त को तीव्र किया है और अतिरिक्त कैमरा‑ट्रैप लगाकर उसकी हरकतों को बारीकी से देख रहे हैं।
प्रारंभिक विश्लेषण से यह अनुमान लगाया गया है कि ये चोटें संभवतः किसी अन्य नर बाघ के साथ हुए संघर्ष के परिणामस्वरूप हो सकती हैं। प्रजनन अवधि में क्षेत्रों के लिए लड़ाई आम है, और ऐसे टकराव से बाघों के चेहरे या शरीर पर चोटें लगना सामान्य है।
विभाग आगे गैर‑हस्तक्षेपात्मक तरीकों, जैसे कैमरा‑ट्रैप और आवश्यकतानुसार जीपीएस कॉलर, से निगरानी जारी रखेगा, ताकि यह पुष्टि की जा सके कि टकराव हुआ है या नहीं और संभावित जोखिमों को कम किया जा सके।
राजस्थान वन विभाग ने इस संकेत पर तुरंत सतर्कता बढ़ा दी है। अधिकारियों ने T‑108 के क्षेत्र में गश्त को तीव्र किया है और अतिरिक्त कैमरा‑ट्रैप लगाकर उसकी हरकतों को बारीकी से देख रहे हैं।
प्रारंभिक विश्लेषण से यह अनुमान लगाया गया है कि ये चोटें संभवतः किसी अन्य नर बाघ के साथ हुए संघर्ष के परिणामस्वरूप हो सकती हैं। प्रजनन अवधि में क्षेत्रों के लिए लड़ाई आम है, और ऐसे टकराव से बाघों के चेहरे या शरीर पर चोटें लगना सामान्य है।
विभाग आगे गैर‑हस्तक्षेपात्मक तरीकों, जैसे कैमरा‑ट्रैप और आवश्यकतानुसार जीपीएस कॉलर, से निगरानी जारी रखेगा, ताकि यह पुष्टि की जा सके कि टकराव हुआ है या नहीं और संभावित जोखिमों को कम किया जा सके।