📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
स्वास्थ्य
इंदौर के भागीरथपुरा जलजनित विषाक्तता केस में अधिकारियों को दोषी, परिजनों को 20 लाख मुआवजा
✍️ Amar Ujala · Indore
🗓 29 अग. 2026, 07:03 PM
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इंदौर हाईकोर्ट की एक सदस्यीय न्यायिक समिति ने भागीरथपुरा जलजनित विषाक्तता में 36 में से 24 मौतों का कारण दूषित पानी बताया और मुआवजे की सिफारिश की।
इंदौर हाईकोर्ट ने भागीरथपुरा जलजनित विषाक्तता मामले की जाँच के लिये एक सदस्यीय न्यायिक समिति का गठन किया, जिसमें कुल 36 मौतों में से 24 मौतों का कारण दूषित पानी बताया गया।
समिति ने मृतकों के परिजनों को 20 लाख रुपये तथा रोगी लेकिन जीवित रहने वाले प्रभावितों को 5 लाख रुपये मुआवजा देने की सिफारिश की है, जिससे आर्थिक एवं भावनात्मक क्षति को पूरा किया जा सके।
रिपोर्ट में यह कहा गया कि जल सुरक्षा की निगरानी में सरकारी अधिकारियों की लापरवाही प्रमुख कारण थी, जबकि राजनेताओं को दोषी नहीं माना गया।
सिफारिश को राज्य सरकार को भेजा जाएगा, जहाँ इसे मंजूरी देकर शीघ्र ही राहत राशि वितरित करने का आदेश दिया जाएगा और भविष्य में ऐसी सार्वजनिक स्वास्थ्य आपदा से बचने हेतु कदम उठाने का निर्देश दिया गया है।
समिति ने मृतकों के परिजनों को 20 लाख रुपये तथा रोगी लेकिन जीवित रहने वाले प्रभावितों को 5 लाख रुपये मुआवजा देने की सिफारिश की है, जिससे आर्थिक एवं भावनात्मक क्षति को पूरा किया जा सके।
रिपोर्ट में यह कहा गया कि जल सुरक्षा की निगरानी में सरकारी अधिकारियों की लापरवाही प्रमुख कारण थी, जबकि राजनेताओं को दोषी नहीं माना गया।
सिफारिश को राज्य सरकार को भेजा जाएगा, जहाँ इसे मंजूरी देकर शीघ्र ही राहत राशि वितरित करने का आदेश दिया जाएगा और भविष्य में ऐसी सार्वजनिक स्वास्थ्य आपदा से बचने हेतु कदम उठाने का निर्देश दिया गया है।