📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Information and Publicity deartment, Government of
धर्म
इंदौर में अनंत चतुर्दशी की झांकियों का कारवां, रात में भीड़ बढ़ी
✍️ Amar Ujala · Indore
🗓 26 सित. 2026, 12:03 AM
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इंदौर में अनंत चतुर्दशी की झांकियों की परम्परागत जुलूस में बड़ी भीड़ इकट्ठी हुई, रात होते ही भीड़ में इज़ाफ़ा हुआ।
इंदौर की सड़कों पर अनंत चतुर्दशी के अवसर पर झांकियों का चमकदार कारवां चल पड़ा, जिससे शहर में उत्सव का माहौल छा गया। यह प्राचीन परम्परा, जो पूरे देश में मनाई जाती है, ने रात के अंधेरे में रंग‑बिरंगी रोशनी बिखेरी।
शाम के शुरुआती समय में भीड़ इकट्ठा हुई, और जैसे ही रात हुई, दर्शकों की संख्या में स्पष्ट वृद्धि हुई, मुख्य मार्गों पर उत्साह का माहौल बन गया। स्थानीय लोग और पर्यटक दोनों ही इस जुलूस को देख कर अपने परिवार‑दोस्तों के साथ इस पावन क्षण को साझा कर रहे थे।
स्थानीय प्रशासन ने ट्रैफ़िक प्रबंधन और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए समन्वय किया, जबकि समुदायिक समूहों ने इस आयोजन को व्यवस्थित किया। यह कार्यक्रम इंदौर में अनंत चतुर्दशी के सांस्कृतिक महत्व को उजागर करता है।
हालाँकि आधिकारिक उपस्थिति आँकड़े नहीं दिए गए, लेकिन गवाहों ने भीड़ को "भरी" और "उत्साह से सराबोर" बताया, जो इस त्यौहार के प्रति शहर के लोगों की गहरी श्रद्धा को दर्शाता है।
झांकियों का कारवां रात भर चलता रहेगा, जिससे इस पावन अवसर की आध्यात्मिक भावना को दृश्य रूप में प्रस्तुत किया जाएगा और इंदौर की पारम्परिक धरोहर को और भी सुदृढ़ किया जाएगा।
शाम के शुरुआती समय में भीड़ इकट्ठा हुई, और जैसे ही रात हुई, दर्शकों की संख्या में स्पष्ट वृद्धि हुई, मुख्य मार्गों पर उत्साह का माहौल बन गया। स्थानीय लोग और पर्यटक दोनों ही इस जुलूस को देख कर अपने परिवार‑दोस्तों के साथ इस पावन क्षण को साझा कर रहे थे।
स्थानीय प्रशासन ने ट्रैफ़िक प्रबंधन और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए समन्वय किया, जबकि समुदायिक समूहों ने इस आयोजन को व्यवस्थित किया। यह कार्यक्रम इंदौर में अनंत चतुर्दशी के सांस्कृतिक महत्व को उजागर करता है।
हालाँकि आधिकारिक उपस्थिति आँकड़े नहीं दिए गए, लेकिन गवाहों ने भीड़ को "भरी" और "उत्साह से सराबोर" बताया, जो इस त्यौहार के प्रति शहर के लोगों की गहरी श्रद्धा को दर्शाता है।
झांकियों का कारवां रात भर चलता रहेगा, जिससे इस पावन अवसर की आध्यात्मिक भावना को दृश्य रूप में प्रस्तुत किया जाएगा और इंदौर की पारम्परिक धरोहर को और भी सुदृढ़ किया जाएगा।