📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / India Post, Government of India
स्थानीय
इंदौर में अहिल्या बाई होलकर स्मारक व संग्रहालय के लिए 250 करोड़ का बजट
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 31 अग. 2026, 02:32 PM
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मध्य प्रदेश सरकार ने इंदौर में अहिल्या बाई होलकर के स्मारक‑संग्रहालय और महेश्वर में अहिल्या लोक के लिए 250 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट मंजूर किया है।
मध्य प्रदेश सरकार ने लोकमाता अहिल्या बाई होलकर की स्मृतियों को साकार करने के लिए कुल 250 करोड़ रुपये का दो‑प्रोजेक्ट योजना मंजूर की है। इंदौर में एक विशाल स्मारक‑संग्रहालय का निर्माण होगा, जिसमें उनकी प्रशासनिक सुधारों, वास्तुशिल्प योगदान और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाले प्रदर्शनी कक्ष शामिल होंगे।
इसी समय, महेश्वर में "अहिल्या लोक" नामक एक सांस्कृतिक केंद्र विकसित किया जाएगा, जहाँ पारंपरिक शिल्प, लोक कला और पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा, जो अहिल्या बाई के इस शहर से जुड़े इतिहास को उजागर करेगा। इस पहल का उद्देश्य स्थायी शैक्षिक और पर्यटन स्थल बनाना है, जो रानी की सतत विकास की दृष्टि को प्रतिबिंबित करे।
निर्माण कार्य इस वर्ष के अंत में शुरू होने की संभावना है और अगले तीन‑चार वर्षों में पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना से स्थानीय कारीगरों को रोजगार मिलेगा और पर्यटक प्रवाह बढ़ने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को लाभ होगा।
वित्त पोषण राज्य के सांस्कृतिक संरक्षण कोष से किया जाएगा, और डिजाइन का निरीक्षण इतिहासकारों, वास्तुकारों और पर्यटन विशेषज्ञों की समिति करेगी, ताकि ऐतिहासिक सटीकता और आधुनिक सुविधाओं का संतुलन बना रहे।
इसी समय, महेश्वर में "अहिल्या लोक" नामक एक सांस्कृतिक केंद्र विकसित किया जाएगा, जहाँ पारंपरिक शिल्प, लोक कला और पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा, जो अहिल्या बाई के इस शहर से जुड़े इतिहास को उजागर करेगा। इस पहल का उद्देश्य स्थायी शैक्षिक और पर्यटन स्थल बनाना है, जो रानी की सतत विकास की दृष्टि को प्रतिबिंबित करे।
निर्माण कार्य इस वर्ष के अंत में शुरू होने की संभावना है और अगले तीन‑चार वर्षों में पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना से स्थानीय कारीगरों को रोजगार मिलेगा और पर्यटक प्रवाह बढ़ने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को लाभ होगा।
वित्त पोषण राज्य के सांस्कृतिक संरक्षण कोष से किया जाएगा, और डिजाइन का निरीक्षण इतिहासकारों, वास्तुकारों और पर्यटन विशेषज्ञों की समिति करेगी, ताकि ऐतिहासिक सटीकता और आधुनिक सुविधाओं का संतुलन बना रहे।