📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Mennonite Church USA Archives
बिज़नेस
इंदौर फिर बनेगा ‘कपड़ा नगरी’, 20,000 करोड़ निवेश से टेक्सटाइल हब
✍️ Amar Ujala · Indore
🗓 31 अक्टू. 2026, 05:33 PM
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मध्य प्रदेश सरकार ने 20,000 करोड़ रुपये के निवेश, नई नीतियों और बेहतर बुनियादी ढांचे के साथ इंदौर को प्रमुख टेक्सटाइल हब बनाने की योजना घोषित की है।
इंदौर, मध्य प्रदेश का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र, फिर से अपने ऐतिहासिक उपनाम ‘कपड़ा नगरी’ को पुनः प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर है।
राज्य सरकार ने 20,000 करोड़ रुपये के बड़े निवेश पैकेज की घोषणा की है, जिसमें आधुनिक टेक्सटाइल पार्क, लॉजिस्टिक्स सुधार और उद्योग‑उन्मुख नीतियों के माध्यम से निर्माताओं को आकर्षित करने की योजना शामिल है।
अधिकारियों का कहना है कि यह पहल शहर की परम्परागत टेक्सटाइल पहचान को पुनर्जीवित करेगी, हजारों रोजगार सृजित करेगी और निर्यात को बढ़ावा देगी, जिससे इंदौर को सूरत और तिरुपुर जैसे स्थापित क्लस्टर्स के साथ प्रतिस्पर्धी बनाया जाएगा।
कार्यान्वयन कई चरणों में होगा, जिसमें सड़कों, बिजली और जल आपूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाओं को आधुनिक बनाकर घरेलू‑विदेशी निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जाएगा।
यह कदम राष्ट्रीय स्तर पर वस्त्र उद्योग को सुदृढ़ करने और आयात पर निर्भरता घटाने के व्यापक लक्ष्य के साथ मेल खाता है।
राज्य सरकार ने 20,000 करोड़ रुपये के बड़े निवेश पैकेज की घोषणा की है, जिसमें आधुनिक टेक्सटाइल पार्क, लॉजिस्टिक्स सुधार और उद्योग‑उन्मुख नीतियों के माध्यम से निर्माताओं को आकर्षित करने की योजना शामिल है।
अधिकारियों का कहना है कि यह पहल शहर की परम्परागत टेक्सटाइल पहचान को पुनर्जीवित करेगी, हजारों रोजगार सृजित करेगी और निर्यात को बढ़ावा देगी, जिससे इंदौर को सूरत और तिरुपुर जैसे स्थापित क्लस्टर्स के साथ प्रतिस्पर्धी बनाया जाएगा।
कार्यान्वयन कई चरणों में होगा, जिसमें सड़कों, बिजली और जल आपूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाओं को आधुनिक बनाकर घरेलू‑विदेशी निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जाएगा।
यह कदम राष्ट्रीय स्तर पर वस्त्र उद्योग को सुदृढ़ करने और आयात पर निर्भरता घटाने के व्यापक लक्ष्य के साथ मेल खाता है।