📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Mennonite Church USA Archives
जीवनशैली
इंदौर में शुक्रवार रात 100 साल पुरानी झांकियों की परम्परा फिर जीवंत
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 24 सित. 2026, 07:01 PM
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इंदौर में शुक्रवार को 22 झांकियों का परेड राजवाड़ा‑गोराकुंड के चारों ओर चलेगा, जो 100 साल पुरानी परम्परा को फिर से जीवंत करेगा।
इंदौर की सड़कों पर शुक्रवार रात को झांकियों की भव्य परेड आयोजित की जाएगी, जिससे 100 साल पुरानी परम्परा फिर से जीवंत होगी। श्रमिक क्षेत्र और शहर के मध्य से 22 सज्जित झांकियों को लेकर एक समन्वित रूट तय किया जाएगा, जिसमें ऐतिहासिक स्थल प्रमुख होंगे।
परेड पहले राजवाड़ा के सामने से गुजरेगी, जहाँ चमकते हुए दीपों का नजारा प्राचीन महल की दीवारों के साथ मनमोहक रूप से मिलेगा। इसके बाद गोराकुंड की ओर बढ़ेगी और अंत में प्रारंभिक बिंदु पर वापस आएगी।
आयोजकों का कहना है कि इस कार्यक्रम से सामुदायिक गर्व को बढ़ावा मिलेगा और युवा पीढ़ी को इस सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया जाएगा। सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए विशेष उपाय किए गए हैं, जिससे प्रतिभागियों और दर्शकों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
स्थानीय प्राधिकरणों ने नागरिकों को निर्धारित दर्शक बिंदुओं पर इकट्ठा होने की सलाह दी है, ताकि वे सुरक्षित रूप से इस रोशनी के जश्न का आनंद ले सकें। इस रात में बड़ी भीड़ की उम्मीद है, जिससे इंदौर के मध्य भाग में एक चमकदार माहौल बन जाएगा।
यह पुनरुद्धार सांस्कृतिक समूहों और नगर निगम के सहयोग से किया गया है, जिसका उद्देश्य शहर की समृद्ध कला परम्परा को जीवित रखना और इंदौर की पहचान को सुदृढ़ करना है।
परेड पहले राजवाड़ा के सामने से गुजरेगी, जहाँ चमकते हुए दीपों का नजारा प्राचीन महल की दीवारों के साथ मनमोहक रूप से मिलेगा। इसके बाद गोराकुंड की ओर बढ़ेगी और अंत में प्रारंभिक बिंदु पर वापस आएगी।
आयोजकों का कहना है कि इस कार्यक्रम से सामुदायिक गर्व को बढ़ावा मिलेगा और युवा पीढ़ी को इस सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया जाएगा। सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए विशेष उपाय किए गए हैं, जिससे प्रतिभागियों और दर्शकों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
स्थानीय प्राधिकरणों ने नागरिकों को निर्धारित दर्शक बिंदुओं पर इकट्ठा होने की सलाह दी है, ताकि वे सुरक्षित रूप से इस रोशनी के जश्न का आनंद ले सकें। इस रात में बड़ी भीड़ की उम्मीद है, जिससे इंदौर के मध्य भाग में एक चमकदार माहौल बन जाएगा।
यह पुनरुद्धार सांस्कृतिक समूहों और नगर निगम के सहयोग से किया गया है, जिसका उद्देश्य शहर की समृद्ध कला परम्परा को जीवित रखना और इंदौर की पहचान को सुदृढ़ करना है।