📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Smeet Chowdhury
मौसम
इंदौर में उत्तरी हवाओं से तापमान 12.7°C गिरा, इस साल की सबसे ठंडी रात दर्ज
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 05 नव. 2026, 05:35 PM
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उत्तरी हवाओं के कारण इंदौर में मंगलवार की रात तापमान 12.7°C गिरा, जिससे इस साल की सबसे ठंडी रात दर्ज हुई।
इंदौर में इस मंगलवार को तापमान में 12.7°C की तीव्र गिरावट दर्ज हुई, जिससे इस साल की सबसे ठंडी रात बनी। मौसम विज्ञान विभाग ने इस अचानक ठंड को उत्तरी हवाओं के तेज़ प्रवाह से जोड़ा है, जो मध्य भारत में फैलकर शहर के सामान्य शीतकालीन तापमान से काफी नीचे ले गईं।
इस गिरावट से शहर के कई आवासीय व वाणिज्यिक क्षेत्रों में ठंड का असर महसूस किया गया, जहाँ निवासियों ने अतिरिक्त हीटिंग और मोटे कपड़े पहनने की आवश्यकता बताई। स्थानीय विद्युत कंपनियों ने चेतावनी दी कि हीटर व वार्मर के उपयोग से बिजली की मांग में वृद्धि हो सकती है।
शहर के अधिकारियों ने विशेष रूप से बुजुर्गों और श्वसन रोगियों को अचानक ठंड के स्वास्थ्य जोखिमों से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी। मौसम विभाग आगे की तापमान में बदलाव की निगरानी करेगा और आवश्यक होने पर चेतावनी जारी करेगा।
ठंड के बीच भी जल संकट के कारण निगम ने पानी की कड़ी बचत की अपील की, जिससे नागरिकों को जल संरक्षण के उपाय अपनाने की याद दिलाई गई।
यह अप्रत्याशित ठंडी लहर मध्य प्रदेश के शीतकालीन मौसम की अनिश्चितता को दर्शाती है, जिससे निवासियों और प्राधिकरणों को बदलते मौसम के अनुसार शीघ्रता से कदम उठाने पड़ रहे हैं।
इस गिरावट से शहर के कई आवासीय व वाणिज्यिक क्षेत्रों में ठंड का असर महसूस किया गया, जहाँ निवासियों ने अतिरिक्त हीटिंग और मोटे कपड़े पहनने की आवश्यकता बताई। स्थानीय विद्युत कंपनियों ने चेतावनी दी कि हीटर व वार्मर के उपयोग से बिजली की मांग में वृद्धि हो सकती है।
शहर के अधिकारियों ने विशेष रूप से बुजुर्गों और श्वसन रोगियों को अचानक ठंड के स्वास्थ्य जोखिमों से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी। मौसम विभाग आगे की तापमान में बदलाव की निगरानी करेगा और आवश्यक होने पर चेतावनी जारी करेगा।
ठंड के बीच भी जल संकट के कारण निगम ने पानी की कड़ी बचत की अपील की, जिससे नागरिकों को जल संरक्षण के उपाय अपनाने की याद दिलाई गई।
यह अप्रत्याशित ठंडी लहर मध्य प्रदेश के शीतकालीन मौसम की अनिश्चितता को दर्शाती है, जिससे निवासियों और प्राधिकरणों को बदलते मौसम के अनुसार शीघ्रता से कदम उठाने पड़ रहे हैं।