📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gyanendra_Singh_Chau…
स्थानीय
इंदौर हाईकोर्ट ने एनएचएआई को 3 महीने में राष्ट्रीय राजमार्ग के गड्ढे भरने का आदेश दिया
✍️ Amar Ujala · Indore
🗓 29 अक्टू. 2026, 10:15 AM
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इंदौर हाईकोर्ट ने एनएचएआई को तीन महीने में राष्ट्रीय राजमार्गों के गड्ढे, क्षतिग्रस्त पुल और जल निकासी व्यवस्था की मरम्मत करने का निर्देश दिया।
इंदौर हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्गों की बिगड़ती स्थिति को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई की, जिसमें कई गड्ढे, क्षतिग्रस्त पुल और जल निकासी की बाधा का उल्लेख था, जो यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा बन रही थी।
अदालत ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को आदेश दिया कि वह सभी पहचाने गये गड्ढों को भरने, क्षतिग्रस्त पुलों की मरम्मत करने और जल निकासी व्यवस्था को साफ़ या पुनः बनाकर तीन महीने के भीतर कार्य पूर्ण कर दे। कोर्ट ने बुनियादी सुरक्षा मानकों को पूरा करने और देरी से जनजीवन को खतरा न होने पर बल दिया।
समक्ष उपस्थित एनएचएआई के प्रतिनिधियों ने आदेश का पालन करने का आश्वासन दिया, तुरंत कार्य योजना प्रस्तुत करने और निर्धारित समय सीमा को पूरा करने के लिये फील्ड टीमों को तैनात करने का वादा किया। उन्होंने बताया कि कार्य को तेज़ करने हेतु अतिरिक्त निधि भी आवंटित की जाएगी।
यह निर्णय इंदौर में सड़कों की खराब स्थिति को लेकर बढ़ती सार्वजनिक असंतोष के बीच आया है, जहाँ यह शहर मध्य भारत का एक प्रमुख ट्रांसपोर्ट हब है। स्थानीय यात्रियों और परिवहन कंपनियों ने बार‑बार सुधार की मांग की थी, क्योंकि गड्ढों से वाहन क्षति और ट्रैफ़िक जाम बढ़ रहा था।
यदि निर्धारित समय सीमा पूरी हो जाती है, तो राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति में सुधार से यातायात प्रवाह बेहतर होगा, दुर्घटनाओं का जोखिम घटेगा और मध्य प्रदेश की संपूर्ण कनेक्टिविटी में वृद्धि होगी।
अदालत ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को आदेश दिया कि वह सभी पहचाने गये गड्ढों को भरने, क्षतिग्रस्त पुलों की मरम्मत करने और जल निकासी व्यवस्था को साफ़ या पुनः बनाकर तीन महीने के भीतर कार्य पूर्ण कर दे। कोर्ट ने बुनियादी सुरक्षा मानकों को पूरा करने और देरी से जनजीवन को खतरा न होने पर बल दिया।
समक्ष उपस्थित एनएचएआई के प्रतिनिधियों ने आदेश का पालन करने का आश्वासन दिया, तुरंत कार्य योजना प्रस्तुत करने और निर्धारित समय सीमा को पूरा करने के लिये फील्ड टीमों को तैनात करने का वादा किया। उन्होंने बताया कि कार्य को तेज़ करने हेतु अतिरिक्त निधि भी आवंटित की जाएगी।
यह निर्णय इंदौर में सड़कों की खराब स्थिति को लेकर बढ़ती सार्वजनिक असंतोष के बीच आया है, जहाँ यह शहर मध्य भारत का एक प्रमुख ट्रांसपोर्ट हब है। स्थानीय यात्रियों और परिवहन कंपनियों ने बार‑बार सुधार की मांग की थी, क्योंकि गड्ढों से वाहन क्षति और ट्रैफ़िक जाम बढ़ रहा था।
यदि निर्धारित समय सीमा पूरी हो जाती है, तो राष्ट्रीय राजमार्गों की स्थिति में सुधार से यातायात प्रवाह बेहतर होगा, दुर्घटनाओं का जोखिम घटेगा और मध्य प्रदेश की संपूर्ण कनेक्टिविटी में वृद्धि होगी।