📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Wikimedia Commons
अपराध
इंदौर में साइबर ठगी के छह मामलों में पूरी 4.9 लाख रुपये की वसूली, फर्जी एपीके धोखा
✍️ Amar Ujala · Indore
🗓 27 सित. 2026, 01:31 PM
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इंदौर में फर्जी एपीके से हुए धोखे में छह लोगों ने कुल 4.9 लाख रुपये खोए, अब पुलिस ने पूरी रकम वसूली और आरोपी पर कार्रवाई की।
इंदौर साइबर क्राइम सेल ने बताया कि फर्जी एपीके के माध्यम से हुए छह ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों को सफलतापूर्वक सुलझा लिया गया है। सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए पीड़ितों को इस एप्लिकेशन को इंस्टॉल करने के लिए प्रेरित किया गया, जिससे उनके व्यक्तिगत डेटा की चोरी और अनधिकृत लेन‑देन हुआ।
इन घोटालों में कुल 4.9 लाख रुपये की हानि हुई थी। एकत्रित डिजिटल साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों को पकड़ कर उनके द्वारा उपयोग किए गए खातों से चोरी की गई राशि वापस प्राप्त की।
वसूली की गई पूरी रकम अब पीड़ितों को लौटा दी गई है और आरोपी पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा भारतीय दंड संहिता की संबंधित धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने नागरिकों से किसी भी एप्लिकेशन को डाउनलोड करने से पहले उसकी प्रामाणिकता जांचने और संदेहास्पद गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करने की अपील की।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने कहा कि नकली एपीके अभी भी वित्तीय धोखाधड़ी का एक प्रमुख साधन है, विशेषकर छोटे शहरों में जहाँ जागरूकता कम हो सकती है। इंदौर पुलिस ने जागरूकता अभियानों और ऑनलाइन मार्केटप्लेस की निगरानी को सुदृढ़ करने का वचन दिया है।
इस तेज़ कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि क्षेत्रीय साइबर क्राइम इकाइयाँ डिजिटल अपराधों से निपटने और नागरिकों की सुरक्षा में अपनी क्षमता को बढ़ा रही हैं।
इन घोटालों में कुल 4.9 लाख रुपये की हानि हुई थी। एकत्रित डिजिटल साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों को पकड़ कर उनके द्वारा उपयोग किए गए खातों से चोरी की गई राशि वापस प्राप्त की।
वसूली की गई पूरी रकम अब पीड़ितों को लौटा दी गई है और आरोपी पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम तथा भारतीय दंड संहिता की संबंधित धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने नागरिकों से किसी भी एप्लिकेशन को डाउनलोड करने से पहले उसकी प्रामाणिकता जांचने और संदेहास्पद गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करने की अपील की।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने कहा कि नकली एपीके अभी भी वित्तीय धोखाधड़ी का एक प्रमुख साधन है, विशेषकर छोटे शहरों में जहाँ जागरूकता कम हो सकती है। इंदौर पुलिस ने जागरूकता अभियानों और ऑनलाइन मार्केटप्लेस की निगरानी को सुदृढ़ करने का वचन दिया है।
इस तेज़ कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि क्षेत्रीय साइबर क्राइम इकाइयाँ डिजिटल अपराधों से निपटने और नागरिकों की सुरक्षा में अपनी क्षमता को बढ़ा रही हैं।