📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Arian Zwegers from Brussels, Belgium
अपराध
इंदौर कोर्ट में सरोगेट माँ पर 40 लाख की ब्लैकमेल का मामला दर्ज
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 28 अक्टू. 2026, 03:45 PM
👁 20
इंदौर के एक कारोबारी ने सरोगेसी विवाद के बाद कृतिका तलरेजा पर 40 लाख की ब्लैकमेल और झूठे केस की धमकी देने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया।
इंदौर पुलिस ने कृतिका तलरेजा नामक महिला के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज किया है, जिसमें वह एक स्थानीय कारोबारी से बड़ी रकम वसूलने की कोशिश कर रही थी, इसका आरोप है। यह शिकायत सोमवार को दायर हुई, जिसमें तलरेजा ने सरोगेसी से जुड़ी पहले की विवाद के बाद 40 लाख रुपये की मांग की थी।
शिकायत में कहा गया है कि महिला ने न केवल धन की माँग की, बल्कि यदि उसकी मांग पूरी नहीं हुई तो उसे झूठे कानूनी मामलों में फँसाने की धमकी भी दी। इन धमकियों में फर्जी आपराधिक केस दर्ज कराकर गिरफ्तारी और जेल की सजा दिलवाना शामिल था।
पुलिस ने इस शिकायत की जांच शुरू कर दी है और मामला आगे की कानूनी कार्यवाही के अधीन है। प्रक्रिया के नियमों के कारण पुलिस ने कारोबारी की पहचान या साक्ष्य के विस्तृत विवरण को सार्वजनिक नहीं किया है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में सरोगेसी समझौतों से जुड़े विवाद अक्सर जटिल होते हैं, और हाल ही में सरोगेसी (नियमन) अधिनियम में किए गए संशोधन ऐसे संघर्षों को रोकने के उद्देश्य से किए गए हैं। यह मामला सरोगेसी संबंधी विवादों में स्पष्ट अनुबंधीय सुरक्षा और त्वरित कानूनी उपायों की आवश्यकता को उजागर करता है।
शिकायत में कहा गया है कि महिला ने न केवल धन की माँग की, बल्कि यदि उसकी मांग पूरी नहीं हुई तो उसे झूठे कानूनी मामलों में फँसाने की धमकी भी दी। इन धमकियों में फर्जी आपराधिक केस दर्ज कराकर गिरफ्तारी और जेल की सजा दिलवाना शामिल था।
पुलिस ने इस शिकायत की जांच शुरू कर दी है और मामला आगे की कानूनी कार्यवाही के अधीन है। प्रक्रिया के नियमों के कारण पुलिस ने कारोबारी की पहचान या साक्ष्य के विस्तृत विवरण को सार्वजनिक नहीं किया है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में सरोगेसी समझौतों से जुड़े विवाद अक्सर जटिल होते हैं, और हाल ही में सरोगेसी (नियमन) अधिनियम में किए गए संशोधन ऐसे संघर्षों को रोकने के उद्देश्य से किए गए हैं। यह मामला सरोगेसी संबंधी विवादों में स्पष्ट अनुबंधीय सुरक्षा और त्वरित कानूनी उपायों की आवश्यकता को उजागर करता है।