📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gyanendra_Singh_Chau…
देश
इंदौर कोर्ट का फैसला: धोखे से शादी करने पर हर माह 20 हजार भरण-पोषण देने का आदेश
✍️ Amar Ujala · Indore
🗓 24 जून 2026, 11:32 PM
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इंदौर हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि विवाह की वैधता के आधार पर महिला को भरण-पोषण से वंचित नहीं किया जा सकता, खासकर तब जब विवाह के दौरान उसकी धार्मिक पहचान छिपाई गई हो।
इंदौर हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि धार्मिक पहचान छिपाकर विवाह करने और बाद में पत्नी को प्रताड़ित करने के मामलों में महिला को केवल विवाह की वैधता के आधार पर भरण-पोषण से वंचित नहीं किया जा सकता।
अदालत का यह निर्णय ऐसे विवाहों से उत्पन्न होने वाली जटिलताओं को संबोधित करता है, जहां वर ने अपनी धार्मिक पृष्ठभूमि को लेकर गुमराह किया हो। यह फैसला इस बात पर जोर देता है कि केवल विवाह की वैधता ही महिला के भरण-पोषण के अधिकार को समाप्त नहीं कर सकती।
इस मामले में, अदालत ने पति को हर महीने 20,000 रुपये का भरण-पोषण देने का आदेश दिया है। यह निर्देश ऐसी विवाहित महिलाओं के लिए वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति अदालत के रुख को दर्शाता है।
अदालत का यह निर्णय ऐसे विवाहों से उत्पन्न होने वाली जटिलताओं को संबोधित करता है, जहां वर ने अपनी धार्मिक पृष्ठभूमि को लेकर गुमराह किया हो। यह फैसला इस बात पर जोर देता है कि केवल विवाह की वैधता ही महिला के भरण-पोषण के अधिकार को समाप्त नहीं कर सकती।
इस मामले में, अदालत ने पति को हर महीने 20,000 रुपये का भरण-पोषण देने का आदेश दिया है। यह निर्देश ऐसी विवाहित महिलाओं के लिए वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति अदालत के रुख को दर्शाता है।