📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
शिक्षा
इंदौर: कांस्टेबल संजय लालबाग के पेड़ों की छांव में गरीब बच्चों को मुफ्त पढ़ा रहे हैं
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 05 सित. 2026, 08:33 AM
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इंदौर के लालबाग क्षेत्र में पुलिस कांस्टेबल संजय पेड़ों की छांव में गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा दे रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य उन बच्चों को शिक्षा और आशा प्रदान करना है जो स्कूल की फीस नहीं दे सकते।
हर दिन, कांस्टेबल संजय लालबाग के पेड़ों की छांव में एक अस्थायी कक्षा लगाते हैं, जहाँ वे कम आय वाले परिवारों के बच्चों को podstaw विषय पढ़ाते हैं। उनकी पुलिस वर्दी, जो आमतौर पर अधिकार का प्रतीक होती है, इन बच्चों के लिए आशा का प्रतीक बन गई है।
कांस्टेबल का कहना है कि वे अपनी ड्यूटी के समय का उपयोग समुदाय को वापस देने के लिए करना चाहते हैं, विशेष रूप से उन लोगों के लिए जो औपचारिक शिक्षा तक पहुँच नहीं रखते। वे निःशुल्क पाठ देते हैं, केवल अपने समय और पेड़ों की प्राकृतिक छाया पर निर्भर रहते हैं।
खुली हवा में होने वाली इन कक्षाओं में आने वाले बच्चे प्रेरित और सीखने के लिए उत्सुक महसूस करते हैं, noting कि मैत्रीपूर्ण वातावरण उन्हें ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है। पड़ोस के माता‑पिता ने इस प्रयास के लिए आभार व्यक्त किया है, कहने के साथ कि यह उनके बच्चों को बेहतर भविष्य बनाने का मौका देता है।
यद्यपि इस पहल के पास कोई औपचारिक आधारशिला नहीं है, कांस्टेबल संजय की प्रतिबद्धता दर्शाती है कि व्यक्तिगत प्रयास कैसे शिक्षा तक पहुँच की खाली जगहों को भर सकता है। कक्षाएँ नियमित रूप से जारी हैं, और कांस्टेबल लालबाग की छांव के नीचे 최대한 अधिक बच्चों तक पहुँचने का लक्ष्य रखते हैं।
कांस्टेबल का कहना है कि वे अपनी ड्यूटी के समय का उपयोग समुदाय को वापस देने के लिए करना चाहते हैं, विशेष रूप से उन लोगों के लिए जो औपचारिक शिक्षा तक पहुँच नहीं रखते। वे निःशुल्क पाठ देते हैं, केवल अपने समय और पेड़ों की प्राकृतिक छाया पर निर्भर रहते हैं।
खुली हवा में होने वाली इन कक्षाओं में आने वाले बच्चे प्रेरित और सीखने के लिए उत्सुक महसूस करते हैं, noting कि मैत्रीपूर्ण वातावरण उन्हें ध्यान केंद्रित करने में मदद करता है। पड़ोस के माता‑पिता ने इस प्रयास के लिए आभार व्यक्त किया है, कहने के साथ कि यह उनके बच्चों को बेहतर भविष्य बनाने का मौका देता है।
यद्यपि इस पहल के पास कोई औपचारिक आधारशिला नहीं है, कांस्टेबल संजय की प्रतिबद्धता दर्शाती है कि व्यक्तिगत प्रयास कैसे शिक्षा तक पहुँच की खाली जगहों को भर सकता है। कक्षाएँ नियमित रूप से जारी हैं, और कांस्टेबल लालबाग की छांव के नीचे 최대한 अधिक बच्चों तक पहुँचने का लक्ष्य रखते हैं।