📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vehicle Factory Jabalpur, Government of India
रक्षा
जबलपुर में निर्मित स्वदेशी लाइट आर्मर्ड वाहन ने लेह‑लद्दाख में सफल परीक्षण किया
✍️ Amar Ujala · Jabalpur
🗓 05 नव. 2026, 04:31 PM
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जबलपुर की व्हीकल फैक्ट्री ने भारतीय सेना के लिए 450 बीएचपी, 4×4 स्वदेशी लाइट आर्मर्ड मल्टीपरपज वाहन विकसित किया और लेह‑लद्दाख में सफल परीक्षण पूरा किया।
जबलपुर की व्हीकल फैक्ट्री ने भारतीय सेना के लिये स्वदेशी लाइट आर्मर्ड मल्टीपरपज वाहन का अनावरण किया है। इस वाहन को 450 बीएचपी इंजन और 4×4 ड्राइवट्रेन से सुसज्जित किया गया है, जिससे कठिन भूभाग में भी सहज चलन संभव हो सके।
बैलिस्टिक सुरक्षा को ध्यान में रखकर निर्मित यह वाहन सैनिकों की जीवित रहने की क्षमता को बढ़ाता है। इसका मॉड्यूलर डिज़ाइन विभिन्न भूमिकाओं—जैसे ट्रांसपोर्ट, रीकॉनिसेंस—में तेज़ी से परिवर्तन की सुविधा देता है।
प्रोटोटाइप का परीक्षण लेह‑लद्दाख के उच्च‑ऊँचाई वाले क्षेत्रों में किया गया, जहाँ कठोर मौसम और खुरदरी टेरेन किसी भी सैन्य उपकरण की क्षमताओं को परखते हैं। अधिकारियों ने बताया कि वाहन ने अपेक्षित मानकों के भीतर प्रदर्शन किया, जिससे उसकी गतिशीलता और सुरक्षा दोनों सिद्ध हुई।
परीक्षण की सफलता के बाद, रक्षा मंत्रालय सीमित श्रृंखला उत्पादन की दिशा में कदम बढ़ाने की संभावना जताता है, ताकि फ्रंटलाइन इकाइयों को एक स्वदेशी, बहुमुखी युद्ध वाहन उपलब्ध कराया जा सके।
बैलिस्टिक सुरक्षा को ध्यान में रखकर निर्मित यह वाहन सैनिकों की जीवित रहने की क्षमता को बढ़ाता है। इसका मॉड्यूलर डिज़ाइन विभिन्न भूमिकाओं—जैसे ट्रांसपोर्ट, रीकॉनिसेंस—में तेज़ी से परिवर्तन की सुविधा देता है।
प्रोटोटाइप का परीक्षण लेह‑लद्दाख के उच्च‑ऊँचाई वाले क्षेत्रों में किया गया, जहाँ कठोर मौसम और खुरदरी टेरेन किसी भी सैन्य उपकरण की क्षमताओं को परखते हैं। अधिकारियों ने बताया कि वाहन ने अपेक्षित मानकों के भीतर प्रदर्शन किया, जिससे उसकी गतिशीलता और सुरक्षा दोनों सिद्ध हुई।
परीक्षण की सफलता के बाद, रक्षा मंत्रालय सीमित श्रृंखला उत्पादन की दिशा में कदम बढ़ाने की संभावना जताता है, ताकि फ्रंटलाइन इकाइयों को एक स्वदेशी, बहुमुखी युद्ध वाहन उपलब्ध कराया जा सके।