📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Eluveitie
बिज़नेस
भारत का WPI महंगाई अगस्त में 9.92% पर पहुँचा, खाद्य, ईंधन और निर्मित वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि
✍️ orissapost.com
🗓 14 सित. 2026, 07:46 PM
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भारत का थोक मूल्य सूचकांक अगस्त में 9.92% तक बढ़ा, खाद्य, ईंधन और निर्मित वस्तुओं की कीमतों में तेज़ी के कारण।
मिनिस्ट्री ऑफ स्टैटिस्टिक्स एंड प्रोग्राम इम्प्लिमेंटेशन ने मंगलवार को नवीनतम थोक मूल्य सूचकांक (WPI) डेटा जारी किया, जिसमें अगस्त के लिए वर्ष-दर-वर्ष 9.92% की वृद्धि दिखाई गई। यह 2014 के बाद से WPI महंगाई में सबसे तेज़ बढ़ोतरी है।
इस उछाल का मुख्य कारण खाद्य वस्तुओं की कीमतों में 10.5% की वृद्धि और ईंधन व स्नेहक में 12.3% की बढ़ोतरी रही। निर्मित वस्तुओं की कीमतों में भी 8.1% की उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
विश्लेषकों का कहना है कि थोक स्तर पर लगातार बढ़ती कीमतें उपभोक्ता महंगाई पर असर डाल सकती हैं, जिससे भारतीय रिज़र्व बैंक को मौद्रिक नीति कड़ी करने पर विचार करना पड़ सकता है। सरकार इस डेटा की समीक्षा आगामी आर्थिक नीति बैठक में करेगी।
इस उछाल का मुख्य कारण खाद्य वस्तुओं की कीमतों में 10.5% की वृद्धि और ईंधन व स्नेहक में 12.3% की बढ़ोतरी रही। निर्मित वस्तुओं की कीमतों में भी 8.1% की उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
विश्लेषकों का कहना है कि थोक स्तर पर लगातार बढ़ती कीमतें उपभोक्ता महंगाई पर असर डाल सकती हैं, जिससे भारतीय रिज़र्व बैंक को मौद्रिक नीति कड़ी करने पर विचार करना पड़ सकता है। सरकार इस डेटा की समीक्षा आगामी आर्थिक नीति बैठक में करेगी।