📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Shibu Rai
बिज़नेस
भारत की इस्पात उद्योग को महंगे कोयले से मुक्त होना होगा: इकोनॉमिक टाइम्स
✍️ The Economic Times
🗓 28 अक्टू. 2026, 05:16 AM
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इकोनॉमिक टाइम्स ने कहा कि भारत के इस्पात क्षेत्र का भविष्य महंगे कोयले पर निर्भरता छोड़ने पर निर्भर है।
इकोनॉमिक टाइम्स ने भारतीय इस्पात उद्योग के सामने एक रणनीतिक चुनौती को उजागर किया है: कोयले पर दीर्घकालिक निर्भरता अब वित्तीय बोझ बनती जा रही है। विश्लेषकों का कहना है कि कोयला, यद्यपि प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है, इस्पात उत्पादन में लागत का बड़ा हिस्सा जोड़ता है, जिससे घरेलू और वैश्विक दोनों स्तरों पर प्रतिस्पर्धा प्रभावित होती है।
कोयले की खपत घटाने से उत्पादन खर्च कम हो सकता है और लाभ मार्जिन में सुधार हो सकता है, खासकर जब वैश्विक इस्पात बाजार संकुचित हो रहा है। रिपोर्ट यह संकेत देती है कि कोयले से हटना केवल पर्यावरणीय कारण नहीं, बल्कि उच्च ईंधन कीमतों के कारण एक आर्थिक आवश्यकता भी है।
उद्योग के हितधारकों को वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की खोज और प्रक्रिया आधुनिकीकरण को तेज करने का आह्वान किया गया है ताकि इस क्षेत्र की दीर्घकालिक वृद्धि सुनिश्चित हो सके। यदि यह परिवर्तन प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो यह भारत के इस्पात उत्पादन और विश्व बाजार में उसकी भूमिका को नया दिशा‑निर्देश दे सकता है।
कोयले की खपत घटाने से उत्पादन खर्च कम हो सकता है और लाभ मार्जिन में सुधार हो सकता है, खासकर जब वैश्विक इस्पात बाजार संकुचित हो रहा है। रिपोर्ट यह संकेत देती है कि कोयले से हटना केवल पर्यावरणीय कारण नहीं, बल्कि उच्च ईंधन कीमतों के कारण एक आर्थिक आवश्यकता भी है।
उद्योग के हितधारकों को वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की खोज और प्रक्रिया आधुनिकीकरण को तेज करने का आह्वान किया गया है ताकि इस क्षेत्र की दीर्घकालिक वृद्धि सुनिश्चित हो सके। यदि यह परिवर्तन प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो यह भारत के इस्पात उत्पादन और विश्व बाजार में उसकी भूमिका को नया दिशा‑निर्देश दे सकता है।