📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / GlacierNPS
टेक्नोलॉजी
भारत में भीड़ नियंत्रण तकनीक की कमी से स्टैम्पेड सुरक्षा अंतर उजागर
✍️ Urban Acres
🗓 20 अक्टू. 2026, 06:27 AM
👁 21
विशेषज्ञ भारत में बड़े इकट्ठों में सुरक्षा अंतर को उजागर कर crowd monitoring तकनीक अपनाने की अपील कर रहे हैं।
Urban Acres द्वारा किए गए हालिया विश्लेषण में भारत में बड़े सार्वजनिक इकट्ठों के प्रबंधन में एक गंभीर सुरक्षा अंतर उजागर किया गया है, जहाँ स्टैम्पेड से कई बार जानें गई हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि भीड़ की घनत्व और गति को वास्तविक‑समय में ट्रैक करने वाली आधुनिक crowd monitoring तकनीक का उपयोग अभी तक धार्मिक महोत्सव, संगीत समारोह और खेल आयोजनों जैसे स्थानों में पर्याप्त रूप से नहीं किया गया है।
उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ शहरों में वीडियो‑एनालिटिक्स और सेंसर‑आधारित प्रणालियों के पायलट प्रोजेक्ट चल रहे हैं, परंतु एक राष्ट्रीय स्तर की रूपरेखा और मानकीकृत प्रोटोकॉल की कमी है, जिससे खतरनाक भीड़ के जमावड़े को समय से पहले पहचानना मुश्किल हो रहा है।
इवेंट आयोजकों और नगरपालिका प्राधिकरणों को इस तकनीक को सुरक्षा योजनाओं में शामिल करने और ऑन‑ग्राउंड कर्मियों को प्रशिक्षित करने का आग्रह किया जा रहा है। ऐसा करने से मौजूदा सुरक्षा अंतर को पाटने और भविष्य में बड़े इकट्ठों को डेटा‑आधारित सक्रिय निगरानी के साथ प्रबंधित करने में मदद मिलेगी।
यदि व्यापक रूप से अपनाई गई, तो crowd monitoring उपकरण प्रारंभिक चेतावनी प्रदान कर सकते हैं, तेज़ी से भीड़ को विस्थापित करने में सहायता करेंगे और भारत के बड़े‑पैमाने के कार्यक्रमों में स्टैम्पेड के जोखिम को कम करेंगे।
उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ शहरों में वीडियो‑एनालिटिक्स और सेंसर‑आधारित प्रणालियों के पायलट प्रोजेक्ट चल रहे हैं, परंतु एक राष्ट्रीय स्तर की रूपरेखा और मानकीकृत प्रोटोकॉल की कमी है, जिससे खतरनाक भीड़ के जमावड़े को समय से पहले पहचानना मुश्किल हो रहा है।
इवेंट आयोजकों और नगरपालिका प्राधिकरणों को इस तकनीक को सुरक्षा योजनाओं में शामिल करने और ऑन‑ग्राउंड कर्मियों को प्रशिक्षित करने का आग्रह किया जा रहा है। ऐसा करने से मौजूदा सुरक्षा अंतर को पाटने और भविष्य में बड़े इकट्ठों को डेटा‑आधारित सक्रिय निगरानी के साथ प्रबंधित करने में मदद मिलेगी।
यदि व्यापक रूप से अपनाई गई, तो crowd monitoring उपकरण प्रारंभिक चेतावनी प्रदान कर सकते हैं, तेज़ी से भीड़ को विस्थापित करने में सहायता करेंगे और भारत के बड़े‑पैमाने के कार्यक्रमों में स्टैम्पेड के जोखिम को कम करेंगे।