📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Asian Lite News
कृषि
भारत में दाल की खेती का क्षेत्र पिछले साल से अधिक
✍️ BusinessLine
🗓 29 अग. 2026, 07:38 PM
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नवीन कृषि आँकड़े दर्शाते हैं कि भारत में दाल की खेती का कुल क्षेत्र पिछले साल की तुलना में बढ़ा है।
सरकारी कृषि आँकड़े इस सप्ताह दर्शाते हैं कि भारत में दाल की फसलों को समर्पित भूमि का क्षेत्र पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ गया है। यह वृद्धि बीन, मसूर, चना और अन्य लेग्यूमस फसलों की बुआई में हल्की लेकिन महत्वपूर्ण विस्तार को दर्शाती है, जो भारतीय आहार का अभिन्न हिस्सा हैं।
दालें पौध‑आधारित प्रोटीन का प्रमुख स्रोत हैं और नाइट्रोजन फिक्सेशन के माध्यम से मिट्टी की उर्वरता में योगदान देती हैं। बुआई में इस बढ़ोतरी से विशेषकर वर्षा‑निर्भर क्षेत्रों में किसानों की आय में सुधार की उम्मीद है और राष्ट्रीय खाद्य‑सुरक्षा लक्ष्यों को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।
कृषि मंत्रालय ने इस प्रवृत्ति को आगामी खरीफ़ मौसम से पहले सकारात्मक संकेत के रूप में उजागर किया है, साथ ही इस रुझान को बनाए रखने के लिए उन्नत बीज किस्मों और सतत कृषि प्रथाओं को अपनाने की अपील की है।
दालें पौध‑आधारित प्रोटीन का प्रमुख स्रोत हैं और नाइट्रोजन फिक्सेशन के माध्यम से मिट्टी की उर्वरता में योगदान देती हैं। बुआई में इस बढ़ोतरी से विशेषकर वर्षा‑निर्भर क्षेत्रों में किसानों की आय में सुधार की उम्मीद है और राष्ट्रीय खाद्य‑सुरक्षा लक्ष्यों को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।
कृषि मंत्रालय ने इस प्रवृत्ति को आगामी खरीफ़ मौसम से पहले सकारात्मक संकेत के रूप में उजागर किया है, साथ ही इस रुझान को बनाए रखने के लिए उन्नत बीज किस्मों और सतत कृषि प्रथाओं को अपनाने की अपील की है।