📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vyacheslav Argenberg
ऑटोमोबाइल
भारत की सबसे पुरानी बस बेड़े ने नए चालकों के लिए प्रशिक्षण तीव्र किया
✍️ The Indian Express
🗓 10 अग. 2026, 11:36 AM
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भारत की सबसे पुरानी बस बेड़े ने अपने नए चालकों के लिए प्रशिक्षण को तीव्र किया है, सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से, हालांकि हालिया दुर्घटनाओं में अनुभवी चालकों का शामिल होना देखा गया है।
भारत की सबसे पुरानी बस बेड़े ने दशकों से संचालित होने के बावजूद अपने नए चालकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का व्यापक पुनर्गठन किया है। इस पहल में कड़ी कक्षा शिक्षा, उन्नत सिमुलेशन अभ्यास, और सड़क पर मूल्यांकन शामिल हैं, जिसका उद्देश्य सुरक्षा मानकों को बढ़ाना है।
प्रबंधन ने बढ़ती ट्रैफ़िक घनत्व और बदलते सड़क नियमों को तीव्र प्रशिक्षण के प्रमुख कारण बताया है। नए भर्ती को कम से कम 40 घंटे का सैद्धांतिक अध्ययन और 30 घंटे का व्यावहारिक अभ्यास पूरा करना होगा, उसके बाद ही उन्हें वाणिज्यिक ड्राइविंग लाइसेंस मिलेगा।
इन सुधारों के बावजूद, हाल के रिपोर्टों में पाया गया है कि उसी बेड़े के अनुभवी चालकों के साथ कई दुर्घटनाएँ हुई हैं। अधिकारियों ने यह जांच शुरू कर दी है कि क्या थकान, यांत्रिक विफलता या अन्य कारक इन घटनाओं में योगदान दे रहे हैं।
बेड़े के नेतृत्व ने कहा है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम को लगातार विकसित किया जाएगा, जिसमें नए और अनुभवी चालकों दोनों से मिले फीडबैक को शामिल करके भारत के सड़क नेटवर्क पर एक सुरक्षित ड्राइविंग संस्कृति बनाई जाएगी।
प्रबंधन ने बढ़ती ट्रैफ़िक घनत्व और बदलते सड़क नियमों को तीव्र प्रशिक्षण के प्रमुख कारण बताया है। नए भर्ती को कम से कम 40 घंटे का सैद्धांतिक अध्ययन और 30 घंटे का व्यावहारिक अभ्यास पूरा करना होगा, उसके बाद ही उन्हें वाणिज्यिक ड्राइविंग लाइसेंस मिलेगा।
इन सुधारों के बावजूद, हाल के रिपोर्टों में पाया गया है कि उसी बेड़े के अनुभवी चालकों के साथ कई दुर्घटनाएँ हुई हैं। अधिकारियों ने यह जांच शुरू कर दी है कि क्या थकान, यांत्रिक विफलता या अन्य कारक इन घटनाओं में योगदान दे रहे हैं।
बेड़े के नेतृत्व ने कहा है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम को लगातार विकसित किया जाएगा, जिसमें नए और अनुभवी चालकों दोनों से मिले फीडबैक को शामिल करके भारत के सड़क नेटवर्क पर एक सुरक्षित ड्राइविंग संस्कृति बनाई जाएगी।