📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / European Space Agency
मौसम
भारत का मानसून 15% कम, 17 वर्षों में सबसे शुष्क, एल नीनो का असर
✍️ Bhaskar English
🗓 22 सित. 2026, 01:16 PM
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भारत का मानसून 15% कम, 17 वर्षों में सबसे शुष्क, एल नीनो के कारण, जिससे खारिफ फसल उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि पूरे देश में मानसून वर्षा 15 % कम रही, जो 17 वर्षों में सबसे कम है। यह गिरावट एल नीनो के प्रभाव से हुई है, जिसने दक्षिण एशियाई मानसून को कमजोर किया है।
यह कमी मुख्य रूप से पश्चिमी और मध्य राज्यों में महसूस हुई, जहाँ वर्षा 20–25 % कम रही। पारंपरिक रूप से वर्षा वाले पूर्वोत्तर क्षेत्र में भी गिरावट पाई गई, जिससे किसानों और कृषि योजनाकारों में चिंता बढ़ी।
विशेषज्ञों का कहना है कि कम वर्षा से खारिफ फसल चक्र पर असर पड़ेगा, जिससे चावल, गेहूँ और दालों जैसी मुख्य फसलों का उत्पादन घट सकता है। सरकार ने किसानों को जल‑संचयन उपाय अपनाने और फसल बीमा योजना का लाभ उठाने का आग्रह किया है।
IMD ने संशोधित मानसून पूर्वानुमान जारी किया है, जिसमें बाद के मौसम में धीरे‑धीरे सुधार की संभावना जताई गई है, परंतु समग्र वर्षा फिर भी 1950–2000 के औसत से कम रह सकती है। अधिकारी इस स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं क्योंकि रोपण सीजन निकट आ रहा है।
यह कमी मुख्य रूप से पश्चिमी और मध्य राज्यों में महसूस हुई, जहाँ वर्षा 20–25 % कम रही। पारंपरिक रूप से वर्षा वाले पूर्वोत्तर क्षेत्र में भी गिरावट पाई गई, जिससे किसानों और कृषि योजनाकारों में चिंता बढ़ी।
विशेषज्ञों का कहना है कि कम वर्षा से खारिफ फसल चक्र पर असर पड़ेगा, जिससे चावल, गेहूँ और दालों जैसी मुख्य फसलों का उत्पादन घट सकता है। सरकार ने किसानों को जल‑संचयन उपाय अपनाने और फसल बीमा योजना का लाभ उठाने का आग्रह किया है।
IMD ने संशोधित मानसून पूर्वानुमान जारी किया है, जिसमें बाद के मौसम में धीरे‑धीरे सुधार की संभावना जताई गई है, परंतु समग्र वर्षा फिर भी 1950–2000 के औसत से कम रह सकती है। अधिकारी इस स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं क्योंकि रोपण सीजन निकट आ रहा है।