📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / DiplomatTesterMan
बिज़नेस
भारत की लाइव‑इवेंट्स मार्केट में 44% की बढ़ोतरी, 2025 में ₹13,600 करोड़
✍️ Fortune India
🗓 01 अक्टू. 2026, 09:46 AM
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Fortune India की रिपोर्ट के अनुसार भारत के लाइव‑इवेंट्स सेक्टर का आकार 2025 में ₹13,600 करोड़ हो जाएगा, जो पिछले वर्ष से 44% बढ़ोतरी दर्शाता है।
Fortune India के नवीनतम विश्लेषण के अनुसार भारत का लाइव‑इवेंट्स सेक्टर 2025 तक लगभग ₹13,600 crore तक पहुँचने की संभावना रखता है, जो 2024 की तुलना में 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इस आंकड़े में कॉन्सर्ट, महोत्सव, खेल आयोजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और उनसे जुड़े सहायक सेवाओं की आय शामिल है।
उपभोक्ताओं के मनोरंजन खर्च में बढ़ोतरी, महामारी के बाद बड़े पैमाने पर समारोहों का पुनरुत्थान, तथा कॉरपोरेट प्रायोजन में वृद्धि इस उछाल के मुख्य कारण माने जा रहे हैं। डिजिटल टिकटिंग प्लेटफ़ॉर्म और हाइब्रिड इवेंट फॉर्मेट भी बाजार की पहुँच को विस्तारित कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे प्रमुख महानगर इस विकास के प्रमुख चालक हैं, जहाँ आयोजकों ने बुकिंग वॉल्यूम और टिकट बिक्री में उल्लेखनीय सुधार देखा है। इस सकारात्मक प्रवृत्ति से स्थल, प्रोडक्शन हाउस और तकनीकी प्रदाताओं में घरेलू‑विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
रिपोर्ट यह भी चेतावनी देती है कि नियामक अनुमतियों, बुनियादी ढाँचे की कमी और कुशल कर्मियों की कमी जैसी चुनौतियाँ यदि समय पर नहीं सुलझीं तो विकास की गति में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
उपभोक्ताओं के मनोरंजन खर्च में बढ़ोतरी, महामारी के बाद बड़े पैमाने पर समारोहों का पुनरुत्थान, तथा कॉरपोरेट प्रायोजन में वृद्धि इस उछाल के मुख्य कारण माने जा रहे हैं। डिजिटल टिकटिंग प्लेटफ़ॉर्म और हाइब्रिड इवेंट फॉर्मेट भी बाजार की पहुँच को विस्तारित कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे प्रमुख महानगर इस विकास के प्रमुख चालक हैं, जहाँ आयोजकों ने बुकिंग वॉल्यूम और टिकट बिक्री में उल्लेखनीय सुधार देखा है। इस सकारात्मक प्रवृत्ति से स्थल, प्रोडक्शन हाउस और तकनीकी प्रदाताओं में घरेलू‑विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
रिपोर्ट यह भी चेतावनी देती है कि नियामक अनुमतियों, बुनियादी ढाँचे की कमी और कुशल कर्मियों की कमी जैसी चुनौतियाँ यदि समय पर नहीं सुलझीं तो विकास की गति में बाधा उत्पन्न हो सकती है।