📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Osparagus
टेक्नोलॉजी
भारत के 'कॉकरोच' प्रदर्शनकारियों ने ऑनलाइन सेंसरशिप का आरोप लगाया
✍️ DW.com
🗓 21 अग. 2026, 05:37 AM
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‘कॉकरोच’ नामक प्रदर्शनकारियों का दावा है कि उनके ऑनलाइन पोस्ट प्रतिबंधित हो रहे हैं, जिससे डिजिटल स्वतंत्रता पर सवाल उठे हैं।
‘कॉकरोच’ नामक प्रदर्शनकारियों ने सोशल मीडिया पर यह दावा किया है कि उनके पोस्ट को प्रमुख प्लेटफ़ॉर्मों पर लगातार हटाया या प्रतिबंधित किया जा रहा है। वे कह रहे हैं कि उनके आंदोलन से संबंधित सामग्री को बार‑बार फ़्लैग किया जाता है, जिससे उसकी पहुँच घटती है और कुछ मामलों में पूरी तरह से हटा दी जाती है।
समूह के अनुसार, यह सेंसरशिप उनके ऑनलाइन रैलियों के बाद शुरू हुई, जिसमें उन्होंने सरकारी नीतियों में पारदर्शिता की माँग की थी। वे आरोप लगा रहे हैं कि घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों प्लेटफ़ॉर्म बिना स्पष्ट कारण के उनके संदेश को सीमित कर रहे हैं।
प्लेटफ़ॉर्म के अधिकारियों ने अभी तक इस मुद्दे पर विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है, और सरकारी प्रवक्ता भी इन विशेष आरोपों पर टिप्पणी करने से बच रहे हैं। यह घटना डिजिटल युग में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नियमन के बीच संतुलन पर चल रहे राष्ट्रीय संवाद को और तीव्र कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जबकि भारत में ऑनलाइन सामग्री को नियंत्रित करने के लिए क़ानूनी ढाँचा मौजूद है, स्पष्ट प्रक्रिया की कमी से सक्रिय समूहों में मनमानी दमन की भावना उत्पन्न हो सकती है।
समूह के अनुसार, यह सेंसरशिप उनके ऑनलाइन रैलियों के बाद शुरू हुई, जिसमें उन्होंने सरकारी नीतियों में पारदर्शिता की माँग की थी। वे आरोप लगा रहे हैं कि घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों प्लेटफ़ॉर्म बिना स्पष्ट कारण के उनके संदेश को सीमित कर रहे हैं।
प्लेटफ़ॉर्म के अधिकारियों ने अभी तक इस मुद्दे पर विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है, और सरकारी प्रवक्ता भी इन विशेष आरोपों पर टिप्पणी करने से बच रहे हैं। यह घटना डिजिटल युग में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नियमन के बीच संतुलन पर चल रहे राष्ट्रीय संवाद को और तीव्र कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जबकि भारत में ऑनलाइन सामग्री को नियंत्रित करने के लिए क़ानूनी ढाँचा मौजूद है, स्पष्ट प्रक्रिया की कमी से सक्रिय समूहों में मनमानी दमन की भावना उत्पन्न हो सकती है।