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टेक्नोलॉजी
भारत के AI डेटा सेंटर के विकास को जलवायु ताप का खतरा
✍️ NDTV
🗓 19 जून 2026, 01:31 AM
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एक नए वैश्विक विश्लेषण से पता चलता है कि भारत की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस डेटा सेंटरों की महत्वाकांक्षी योजनाओं को बढ़ती गर्मी और जलवायु संबंधी भौतिक जोखिमों से महत्वपूर्ण चुनौती मिल सकती है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डेटा सेंटरों के लिए भारत की बढ़ती योजनाएं जलवायु परिवर्तन, विशेष रूप से अत्यधिक गर्मी के जोखिम के कारण, महत्वपूर्ण बाधाओं का सामना कर सकती हैं। विश्व स्तर पर नियोजित डेटा सेंटरों का विश्लेषण करने वाली एक व्यापक रिपोर्ट ने संभावित कमजोरियों को उजागर किया है।
'2026 ग्लोबल एनालिसिस ऑफ प्लांड डेटा सेंटर्स फॉर फिजिकल क्लाइमेट रिस्क एंड रेजिलिएंस' नामक रिपोर्ट ने दुनिया भर में 2,595 प्रस्तावित डेटा सेंटर सुविधाओं की जांच की। अध्ययन का मुख्य ध्यान इन महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के जलवायु संबंधी घटनाओं से होने वाले प्रत्यक्ष नुकसान के प्रति उनके जोखिम का आकलन करना था।
हालांकि रिपोर्ट डेटा सेंटर विकास की वैश्विक प्रवृत्ति की पहचान करती है, यह विशेष रूप से गर्मी की लहरों जैसे भौतिक जलवायु जोखिमों के इन सुविधाओं की परिचालन अखंडता और दीर्घायु पर संभावित प्रभाव को चिह्नित करती है। यह भारत के AI बुनियादी ढांचे में रणनीतिक निवेश के लिए चिंताएं बढ़ाता है।
'2026 ग्लोबल एनालिसिस ऑफ प्लांड डेटा सेंटर्स फॉर फिजिकल क्लाइमेट रिस्क एंड रेजिलिएंस' नामक रिपोर्ट ने दुनिया भर में 2,595 प्रस्तावित डेटा सेंटर सुविधाओं की जांच की। अध्ययन का मुख्य ध्यान इन महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के जलवायु संबंधी घटनाओं से होने वाले प्रत्यक्ष नुकसान के प्रति उनके जोखिम का आकलन करना था।
हालांकि रिपोर्ट डेटा सेंटर विकास की वैश्विक प्रवृत्ति की पहचान करती है, यह विशेष रूप से गर्मी की लहरों जैसे भौतिक जलवायु जोखिमों के इन सुविधाओं की परिचालन अखंडता और दीर्घायु पर संभावित प्रभाव को चिह्नित करती है। यह भारत के AI बुनियादी ढांचे में रणनीतिक निवेश के लिए चिंताएं बढ़ाता है।