📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Raybellrich
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भारतीय रेलवे ने 2025‑26 में ₹1.53 लाख करोड़ के निवेश के साथ 100 विस्तार परियोजनाओं को मंजूरी दी
✍️ newsonair.gov.in
🗓 16 अग. 2026, 02:18 PM
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भारतीय रेलवे ने 2025‑26 वित्तीय वर्ष के लिए 100 विस्तार परियोजनाओं को ₹1.53 लाख करोड़ के कुल निवेश के साथ मंजूरी दी, जिसका उद्देश्य नेटवर्क क्षमता और कनेक्टिविटी बढ़ाना है।
भारतीय रेलवे ने 2025‑26 वित्तीय वर्ष के लिए 100 विस्तार परियोजनाओं को ₹1.53 लाख करोड़ के कुल निवेश के साथ मंजूरी दी है। ये परियोजनाएँ ट्रैक डबलिंग, इलेक्ट्रिफिकेशन, स्टेशन उन्नयन और नई रूट्स के निर्माण को शामिल करती हैं, जिनका उद्देश्य नेटवर्क क्षमता बढ़ाना, यात्रा समय घटाना और सुरक्षा मानकों में सुधार करना है।
इस निर्णय के पीछे रेलवे बोर्ड द्वारा की गई विस्तृत व्यवहार्यता अध्ययन और लागत‑लाभ विश्लेषण है। परियोजनाएँ चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएँगी, जिसमें उच्च यातायात वाले मार्गों और कम सेवा प्राप्त क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। वित्त पोषण सरकार के आवंटन, ऋण और सार्वजनिक‑निजी साझेदारी के मिश्रण से किया जाएगा।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह विस्तार सरकार के व्यापक अवसंरचना कार्यक्रम के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य आर्थिक विकास और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना है। परियोजनाएँ 2025 तक 100% इलेक्ट्रिफिकेशन के लक्ष्य को भी समर्थन देती हैं, जिससे कार्बन‑उत्सर्जन में कमी आएगी।
कार्यान्वयन की निगरानी रेलवे बोर्ड और रेल मंत्रालय द्वारा की जाएगी, और प्रगति रिपोर्ट त्रैमासिक रूप से जारी की जाएंगी। यह विस्तार भारत के रेल नेटवर्क को आधुनिकीकरण और बढ़ती मांग को पूरा करने की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।
इस निर्णय के पीछे रेलवे बोर्ड द्वारा की गई विस्तृत व्यवहार्यता अध्ययन और लागत‑लाभ विश्लेषण है। परियोजनाएँ चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएँगी, जिसमें उच्च यातायात वाले मार्गों और कम सेवा प्राप्त क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। वित्त पोषण सरकार के आवंटन, ऋण और सार्वजनिक‑निजी साझेदारी के मिश्रण से किया जाएगा।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह विस्तार सरकार के व्यापक अवसंरचना कार्यक्रम के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य आर्थिक विकास और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना है। परियोजनाएँ 2025 तक 100% इलेक्ट्रिफिकेशन के लक्ष्य को भी समर्थन देती हैं, जिससे कार्बन‑उत्सर्जन में कमी आएगी।
कार्यान्वयन की निगरानी रेलवे बोर्ड और रेल मंत्रालय द्वारा की जाएगी, और प्रगति रिपोर्ट त्रैमासिक रूप से जारी की जाएंगी। यह विस्तार भारत के रेल नेटवर्क को आधुनिकीकरण और बढ़ती मांग को पूरा करने की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।