📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Laura Lee Dooley
मनोरंजन
भारतीय संगीत के दशक का परिवर्तन: हनी सिंह, बादशाह और पंजाबी पॉप का पुनरुत्थान
✍️ The Tribune
🗓 28 जून 2026, 05:31 AM
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2010 से 2020 के बीच का समय भारतीय संगीत परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन का गवाह बना, जिसका नेतृत्व हनी सिंह और बादशाह जैसे कलाकारों के प्रभाव के साथ-साथ पंजाबी पॉप संगीत में एक व्यापक उछाल ने किया।
वर्ष 2010 से 2020 तक का समय भारतीय संगीत के लिए एक क्रांतिकारी दौर था, जो लोकप्रिय ध्वनि और शैली में एक विशिष्ट बदलाव द्वारा चिह्नित किया गया। इस युग में ऐसे कलाकारों का उदय हुआ जिन्होंने उद्योग की दिशा को मौलिक रूप से बदल दिया।
हनी सिंह और बादशाह जैसे प्रमुख हस्तियों ने प्रमुख आवाज़ों के रूप में उभरकर, एक ताज़ा, अक्सर पंजाबी-प्रभावित, ध्वनि पेश की जिसने राष्ट्रव्यापी स्तर पर व्यापक रूप से अपनी पहचान बनाई। उनका संगीत इस अवधि का पर्याय बन गया, जिसने एक नई पीढ़ी की संगीत की समझ को परिभाषित किया।
इन व्यक्तिगत सफलताओं के साथ-साथ, पंजाबी पॉप संगीत ने इस दशक के दौरान एक महत्वपूर्ण पुनरुत्थान का अनुभव किया। इस शैली की नवीनीकृत लोकप्रियता ने भारतीय संगीत के परिदृश्य के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया, इसकी स्थायी अपील और अनुकूलन क्षमता का प्रदर्शन किया।
हनी सिंह और बादशाह जैसे प्रमुख हस्तियों ने प्रमुख आवाज़ों के रूप में उभरकर, एक ताज़ा, अक्सर पंजाबी-प्रभावित, ध्वनि पेश की जिसने राष्ट्रव्यापी स्तर पर व्यापक रूप से अपनी पहचान बनाई। उनका संगीत इस अवधि का पर्याय बन गया, जिसने एक नई पीढ़ी की संगीत की समझ को परिभाषित किया।
इन व्यक्तिगत सफलताओं के साथ-साथ, पंजाबी पॉप संगीत ने इस दशक के दौरान एक महत्वपूर्ण पुनरुत्थान का अनुभव किया। इस शैली की नवीनीकृत लोकप्रियता ने भारतीय संगीत के परिदृश्य के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया, इसकी स्थायी अपील और अनुकूलन क्षमता का प्रदर्शन किया।