📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Seyyed Sajed Hassan Razavi
अपराध
भारतीय बलों ने 20 जुलाई को पेललेट गन चलाई, सुप्रीम कोर्ट ने जाँच शुरू
✍️ WION
🗓 30 जुल. 2026, 03:40 PM
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पुलिस के रिकॉर्ड और एक विधायक की रिपोर्ट से पता चलता है कि भारतीय बलों ने 20 जुलाई को पेललेट गन चलाई, जिसे घायल प्रदर्शनकारियों ने भी पुष्टि की है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की जाँच के लिए सुनवाई तय की है।
पुलिस के डायरी प्रविष्टियों के अनुसार, 20 जुलाई को एक प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों ने पेललेट गन का इस्तेमाल किया। एक विधायक की रिपोर्ट ने इस हथियार के उपयोग की पुष्टि की और प्रदर्शनकारियों को हुए घावों का उल्लेख किया। कई प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि उन्हें पेललेट से चोट लगी, जिसके कारण उन्हें चिकित्सा सहायता और कानूनी शिकायतें दर्ज करनी पड़ीं।
इन आरोपों के जवाब में, सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस डायरी, MLC रिपोर्ट और घायल लोगों के बयान की समीक्षा के लिए सुनवाई तय की है। अदालत यह तय करेगी कि पेललेट गन का उपयोग भीड़ नियंत्रण के नियमों के अनुरूप था या नहीं।
इस घटना ने नागरिक अशांति को संभालने में गैर-घातक हथियारों की उपयुक्तता पर बहस को जन्म दिया है। कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने कहा कि पेललेट गन का इस्तेमाल एक बड़ी भीड़ को दूर करने के लिए किया गया, जबकि विपक्षी समूहों का मानना है कि बल का प्रयोग अत्यधिक था और अनावश्यक हानि पहुंचाई।
इन आरोपों के जवाब में, सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस डायरी, MLC रिपोर्ट और घायल लोगों के बयान की समीक्षा के लिए सुनवाई तय की है। अदालत यह तय करेगी कि पेललेट गन का उपयोग भीड़ नियंत्रण के नियमों के अनुरूप था या नहीं।
इस घटना ने नागरिक अशांति को संभालने में गैर-घातक हथियारों की उपयुक्तता पर बहस को जन्म दिया है। कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने कहा कि पेललेट गन का इस्तेमाल एक बड़ी भीड़ को दूर करने के लिए किया गया, जबकि विपक्षी समूहों का मानना है कि बल का प्रयोग अत्यधिक था और अनावश्यक हानि पहुंचाई।