📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Mukesh.kfc
राजनीति
इंडियन एक्सप्रेस ने मोदीवाद को संस्थागत राष्ट्र निर्माण की ओर मोड़ने की पुकार की
✍️ The Indian Express
🗓 21 अग. 2026, 10:39 AM
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इंडियन एक्सप्रेस के संपादकीय ने मोदीवाद को विकसित कर संस्थागत आधार पर राष्ट्र निर्माण करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इंडियन एक्सप्रेस ने एक संपादकीय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ी राजनीतिक शैली को व्यक्तित्व‑केन्द्रित से आगे बढ़कर संस्थागत दृष्टिकोण अपनाने की अपील की है। यह तर्क देता है कि वर्तमान नेतृत्व ने कई नीतिगत पहलें लागू की हैं, परन्तु स्थायी प्रगति के लिए मजबूत और पारदर्शी संस्थानों की आवश्यकता है।
संपादकीय में कहा गया है कि प्रभावी शासन के लिए प्रशासन, न्यायपालिका और नियामक निकायों जैसे संस्थानों को स्वतंत्र और कुशल रूप से कार्य करना चाहिए। इन स्तंभों को सुदृढ़ करने से विकास कार्यक्रमों की निरंतरता और राजनीतिक बदलावों के प्रति लचीलापन सुनिश्चित होगा।
संस्थागत‑केन्द्रित राष्ट्र निर्माण की इस दिशा में बदलाव को सार्वजनिक विमर्श में लाने के लिए लेखकों ने नीति निर्माताओं से संस्थागत क्षमता, जवाबदेही और कानून के शासन को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है।
लेख का निष्कर्ष यह है कि यदि मोदीवाद संस्थागत शक्ति पर आधारित हो तो वह देश की विविध आकांक्षाओं को बेहतर ढंग से पूरा कर समावेशी विकास को साकार कर सकता है।
संपादकीय में कहा गया है कि प्रभावी शासन के लिए प्रशासन, न्यायपालिका और नियामक निकायों जैसे संस्थानों को स्वतंत्र और कुशल रूप से कार्य करना चाहिए। इन स्तंभों को सुदृढ़ करने से विकास कार्यक्रमों की निरंतरता और राजनीतिक बदलावों के प्रति लचीलापन सुनिश्चित होगा।
संस्थागत‑केन्द्रित राष्ट्र निर्माण की इस दिशा में बदलाव को सार्वजनिक विमर्श में लाने के लिए लेखकों ने नीति निर्माताओं से संस्थागत क्षमता, जवाबदेही और कानून के शासन को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है।
लेख का निष्कर्ष यह है कि यदि मोदीवाद संस्थागत शक्ति पर आधारित हो तो वह देश की विविध आकांक्षाओं को बेहतर ढंग से पूरा कर समावेशी विकास को साकार कर सकता है।