📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / InternetAdultFilmDatabase
रक्षा
‘युद्ध अभ्यास 2026’ में भारत‑अमेरिका के सैनिकों ने महाजन रेंज में एम777 होवित्जर का लाइव फायर किया
✍️ Amar Ujala · Jaipur
🗓 20 सित. 2026, 07:00 PM
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‘युद्ध अभ्यास 2026’ के दौरान भारत और अमेरिका की सेनाओं ने महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में एम777 होवित्जर से लाइव फायरिंग की और तोप संचालन व रणनीतिक तालमेल के अनुभव साझा किए।
नई दिल्ली – द्विपक्षीय ‘युद्ध अभ्यास 2026’ के तहत भारतीय सेना और अमेरिकी सेना के सैनिकों ने महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में एम777 हल्का होवित्जर से लाइव फायरिंग की। संयुक्त कमान में आयोजित इस अभ्यास ने तोप की सटीकता और गतिशीलता को नियंत्रित माहौल में प्रदर्शित किया।
भाग लेने वाली इकाइयों ने समन्वित तोप फायर, लक्ष्य पहचान और त्वरित पुनर्स्थापन पर ध्यान केंद्रित किया, जिससे दोनों सेनाओं की पारस्परिक परिचालन क्षमता में सुधार हुआ। दोनों पक्षों के प्रशिक्षण अधिकारियों ने बताया कि इस ड्रिल ने एक‑दूसरे की कार्यविधियों को समझने और संचार प्रोटोकॉल को मानकीकृत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
अधिकारियों ने इस कार्यक्रम को रक्षा सहयोग को गहरा करने की दिशा में एक कदम बताया, यह रेखांकित करते हुए कि नियमित संयुक्त अभ्यास भविष्य की किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए तत्परता को बढ़ाते हैं। एम777 होवित्जर, जो अपनी हवाई परिवहन क्षमता के लिए जाना जाता है, को संयुक्त संचालन में प्रमुख हथियार के रूप में उजागर किया गया।
जयपुर के निकट स्थित महाजन रेंज ने इस फायरिंग सत्र की मेजबानी की, जो बिना किसी घटना के समाप्त हुआ। दोनों सेनाएँ भविष्य में समान संयुक्त अभ्यास जारी रखने की योजना बना रही हैं, जिससे रणनीतिक संबंध और मजबूत हों।
भाग लेने वाली इकाइयों ने समन्वित तोप फायर, लक्ष्य पहचान और त्वरित पुनर्स्थापन पर ध्यान केंद्रित किया, जिससे दोनों सेनाओं की पारस्परिक परिचालन क्षमता में सुधार हुआ। दोनों पक्षों के प्रशिक्षण अधिकारियों ने बताया कि इस ड्रिल ने एक‑दूसरे की कार्यविधियों को समझने और संचार प्रोटोकॉल को मानकीकृत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
अधिकारियों ने इस कार्यक्रम को रक्षा सहयोग को गहरा करने की दिशा में एक कदम बताया, यह रेखांकित करते हुए कि नियमित संयुक्त अभ्यास भविष्य की किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए तत्परता को बढ़ाते हैं। एम777 होवित्जर, जो अपनी हवाई परिवहन क्षमता के लिए जाना जाता है, को संयुक्त संचालन में प्रमुख हथियार के रूप में उजागर किया गया।
जयपुर के निकट स्थित महाजन रेंज ने इस फायरिंग सत्र की मेजबानी की, जो बिना किसी घटना के समाप्त हुआ। दोनों सेनाएँ भविष्य में समान संयुक्त अभ्यास जारी रखने की योजना बना रही हैं, जिससे रणनीतिक संबंध और मजबूत हों।